दतिया जिला अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार दोपहर गोराघाट थाना क्षेत्र के सीतापुर गांव के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक युवक को डायल 112 की टीम अस्पताल लेकर पहुंची। लेकिन गंभीर हालत में तड़प रहे घायल को करीब 20 मिनट तक स्ट्रेचर नहीं मिल सका, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं।
अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने की स्थिति
घायल के साथ मौजूद राहगीरों ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर और विभिन्न वार्डों में काफी देर तक स्ट्रेचर तलाशा गया, लेकिन कहीं भी उपलब्ध नहीं हुआ। अस्पताल स्टाफ ने बाद में किसी तरह व्यवस्था कर स्ट्रेचर उपलब्ध कराया, तब जाकर घायल को उपचार के लिए वार्ड में ले जाया गया।

घायल की पहचान
घायल की पहचान ग्वालियर निवासी देव भदौरिया के रूप में हुई है। वह बाइक से झांसी अपने निजी कार्य से जा रहे थे। दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
यह घटना दतिया जिला अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों और बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती है। गंभीर मरीजों को समय पर स्ट्रेचर जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाईं, जिससे उनका जीवन खतरे में पड़ सकता था।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन व्यवस्था में सुधार और समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला जिला अस्पताल की आपातकालीन और ट्रॉमा व्यवस्था में कमी को उजागर करता है और गंभीर मरीजों के लिए त्वरित उपचार की आवश्यकता पर ध्यान खींचता है।