दतिया जिले में मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर हड़ताल की। जिले के विभिन्न बैंकों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहने के कारण पूरे दिन बैंकिंग सेवाएं बाधित रहीं। हड़ताल के चलते शाखाओं में लेनदेन, चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और अन्य जरूरी बैंकिंग कामकाज नहीं हो सका। सुबह से ही बैंक शाखाओं के बाहर सन्नाटा पसरा रहा, जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन और नारेबाजी
यूएफबीयू से जुड़े अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के बैनर तले सभी बैंक कर्मचारी सिविल लाइन स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शाखा के पास इकट्ठा हुए। वहां उन्होंने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग और बढ़ते कार्यभार के बावजूद उनकी सुविधाओं में कोई सुधार नहीं किया गया है।
5-डे वर्किंग वीक की मांग

बैंक कर्मचारियों का कहना है कि सप्ताह में सभी शनिवार की छुट्टी देने की मांग लंबे समय से की जा रही है। 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक में भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, जिसके बाद देशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उपभोक्ताओं को हुई परेशानी
हड़ताल के चलते जिलेभर में बैंक उपभोक्ताओं को भारी असुविधा हुई। शाखाओं में लेनदेन रुकने से लोगों को अपने जरूरी काम निपटाने में मुश्किल हुई, वहीं एटीएम सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई।
स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग के इस युग में भी कर्मचारियों की भलाई और उनकी सुविधाओं को नजरअंदाज करना समस्या को और बढ़ा सकता है। बैंक कर्मचारियों का यह आंदोलन न केवल 5-डे वर्किंग वीक की मांग के लिए है, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों की भी मांग है।