दमोह।
दमोह।
दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र के कुलुवा पट्टी गांव में पांच साल के मासूम की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सतीश आदिवासी को उस समय दबोचा गया, जब वह ब्यारमा नदी पार कर भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर देर रात उसे हिरासत में लिया और थाने लाकर पूछताछ शुरू कर दी है।
यह हृदयविदारक घटना शनिवार शाम की है, जब गांव का मासूम देवेंद्र अपने घर के बाहर चबूतरे पर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते अचानक गांव का ही सतीश आदिवासी वहां पहुंचा और बिना किसी स्पष्ट कारण के बच्चे पर डंडों से हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि देवेंद्र बुरी तरह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। अन्य बच्चे भयभीत होकर जान बचाकर भागे और गांव वालों को सूचना दी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें
परिजन और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ हालत में बच्चे को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां संगीता सिंह बार-बार अपने इकलौते बेटे का नाम लेकर बेहोश हो रही थीं, तो पिता भगत सिंह की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
देवेंद्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। भगत सिंह ने बताया कि उनकी शादी छह साल पहले हुई थी और बड़ी मन्नतों के बाद उन्हें यह संतान मिली थी। वे मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और बेटे को पढ़ा-लिखाकर एक बेहतर भविष्य देना चाहते थे। तीन दिन पहले ही घर में देवेंद्र के चाचा बबलू की शादी हुई थी। घर में अभी खुशियों का माहौल था, रिश्तेदारों की आवाजाही जारी थी, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया।
वारदात के बाद फरार हुआ आरोपी
हमले के तुरंत बाद आरोपी सतीश मौके से फरार हो गया था। गांव में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हो गई और आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी गई। एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने बताया कि आरोपी ब्यारमा नदी पार कर भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी की और देर रात उसे पकड़ लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और हत्या के कारणों की जांच की जा रही है।

गांव में दहशत और आक्रोश
घटना के बाद से कुलुवा पट्टी गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी अक्सर गांव में आवारा घूमता रहता था। गांव के कल्याण सिंह ने बताया कि सतीश नवमी कक्षा तक पढ़ा है और अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। उसके पिता लकवाग्रस्त हैं और मां मजदूरी करती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उसने इतनी क्रूरता से एक मासूम पर हमला क्यों किया।
ग्रामीणों और परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। रविवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
एक मासूम सपना अधूरा रह गया
देवेंद्र की मौत ने न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस आंगन में कुछ दिन पहले शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। पिता की आंखों में अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर बड़ा आदमी बनाने का सपना था, जो अब हमेशा के लिए अधूरा रह गया।
यह घटना समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है—क्या वजह रही कि एक युवक ने इतनी बेरहमी से एक मासूम की जान ले ली? पुलिस की जांच इन सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है। फिलहाल गांव में मातम है और हर कोई उस मासूम के लिए न्याय की मांग कर रहा है, जिसकी जिंदगी खेलते-खेलते ही छिन गई।