नई दिल्ली।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने फेज-4 और फेज-5A की योजनाओं में अहम बदलाव करते हुए राजधानी के मेट्रो नेटवर्क को और ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। इस बदलाव के तहत अब पिंक लाइन नहीं, बल्कि मजेंटा लाइन दिल्ली की सबसे लंबी मेट्रो लाइन बनने जा रही है। DMRC अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, सीधे रूट, कम ट्रैवल टाइम और ज्यादा सुविधाजनक ट्रांजिट की सुविधा मिलेगी।
फेज-4 में बदलाव से बदली तस्वीर
अब तक DMRC की योजना थी कि फेज-4 में प्रस्तावित 11.9 किलोमीटर लंबा इंद्रप्रस्थ–इंद्रलोक कॉरिडोर को ग्रीन लाइन (कीर्ति नगर/इंद्रलोक से ब्रिगेडियर होशियार सिंह) का विस्तार माना जाएगा। लेकिन नई योजना के तहत इस कॉरिडोर को मजेंटा लाइन के विस्तार के रूप में शामिल किया गया है।
इस बदलाव के बाद मजेंटा लाइन की कुल लंबाई बढ़कर 88.4 किलोमीटर हो जाएगी। यह लाइन नोएडा के बोटेनिकल गार्डन से शुरू होकर सीधे इंद्रलोक तक जाएगी। तुलना करें तो मौजूदा पिंक लाइन (शिव विहार–मजलिस पार्क) की कुल लंबाई करीब 72 किलोमीटर है। इस तरह मजेंटा लाइन अब पिंक लाइन को पीछे छोड़ते हुए दिल्ली की सबसे लंबी मेट्रो लाइन बन जाएगी।
यात्रियों को क्या होगा फायदा
DMRC के अनुसार इस बदलाव से यात्रियों को कई स्तरों पर फायदा मिलेगा।
- बेहतर कनेक्टिविटी: पूर्वी दिल्ली, मध्य दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और नोएडा के बीच सीधा और सुगम संपर्क बनेगा।
- कम ट्रैवल टाइम: अलग-अलग लाइनों में बार-बार बदलने की जरूरत कम होगी, जिससे समय की बचत होगी।
- सीधा रूट: मजेंटा लाइन के विस्तार से कई प्रमुख इलाकों को एक ही लाइन से जोड़ा जा सकेगा।
इंद्रप्रस्थ और इंद्रलोक बनेंगे बड़े इंटरचेंज
इस नए कॉरिडोर के तहत इंद्रप्रस्थ स्टेशन पर ब्लू लाइन के साथ सीमलेस इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इससे यात्रियों को बिना लंबी पैदल दूरी तय किए आसानी से लाइन बदलने का विकल्प मिलेगा।
वहीं इंद्रलोक स्टेशन को मजेंटा लाइन का नया टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा। यहां रेड लाइन और ग्रीन लाइन के साथ इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उत्तर और पश्चिमी दिल्ली की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा नया कॉरिडोर
DMRC ने साफ किया है कि पूरा नया मजेंटा लाइन कॉरिडोर अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस होगा। मौजूदा मजेंटा लाइन की तरह यहां भी ड्राइवरलेस ट्रेनें चलाई जाएंगी। इससे न केवल परिचालन अधिक सुरक्षित होगा, बल्कि ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी और समयबद्धता भी बेहतर होगी। यह कदम दिल्ली मेट्रो को और ज्यादा टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
फेज-5A को मिली मंजूरी, 9 नए स्टेशन
हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5A कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इसी के साथ मजेंटा लाइन के विस्तार और रंग को अंतिम रूप दिया गया। इस नए रूट पर कुल 9 स्टेशन प्रस्तावित हैं—
आरके आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ।
यह कॉरिडोर मजेंटा लाइन को न केवल लंबाई में सबसे आगे ले जाएगा, बल्कि राजधानी के कई प्रमुख और ऐतिहासिक स्थलों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ देगा।
शिवाजी स्टेडियम–राजीव चौक के बीच डेडीकेटेड सबवे का प्रस्ताव
यात्रियों के लिए एक और राहत भरी खबर यह है कि DMRC ने शिवाजी स्टेडियम (एयरपोर्ट लाइन) और राजीव चौक (ब्लू लाइन) के बीच एक डेडीकेटेड सबवे बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके बनने से यात्री एयरपोर्ट लाइन से सीधे राजीव चौक पहुंच सकेंगे, बिना कनॉट प्लेस स्टेशन पर अतिरिक्त ट्रांजिट किए।
इससे कनॉट प्लेस स्टेशन पर भीड़ और ट्रैफिक दबाव कम होगा, सफर ज्यादा तेज़ होगा और यात्रियों को अधिक सुरक्षित व आरामदायक अनुभव मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम यात्री अनुभव सुधारने और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।
राजधानी के सफर में नया अध्याय
कुल मिलाकर, फेज-4 और फेज-5A में किए गए ये बदलाव दिल्ली मेट्रो नेटवर्क को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाले हैं। मजेंटा लाइन का सबसे लंबी मेट्रो लाइन बनना न केवल तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि यह राजधानी के लाखों यात्रियों के लिए तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद सफर का वादा भी करता है।