नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली के भाई, रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली, सितंबर 2024 से यूएई की हिरासत में हैं। उनके 16 महीने से परिवार से संपर्क टूटे हुए थे, जिसके बाद सेलिना जेटली लगातार भाई की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को आदेश दिया कि वे मेजर विक्रांत जेटली की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करें।
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट के आदेश के तहत विदेश मंत्रालय को एक फर्म नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है, जो रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली के अधिकारों की रक्षा अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत करेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था बिना किसी फीस के होगी और हिरासत में मौजूद सैनिक की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

UAE में बड़ी लीगल फर्म ने केस संभाला
इस आदेश के बाद UAE की प्रमुख लीगल फर्म खालिद अलमर्री एंड पार्टनर्स एडवोकेट्स को मेजर विक्रांत जेटली का केस संभालने के लिए हायर किया गया है। यह फर्म अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उनकी रक्षा और कानूनी सहायता प्रदान करेगी।
सेलिना जेटली ने दी जानकारी
सेलिना जेटली ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए लिखा,
“आज दिल्ली हाईकोर्ट ने मेरे भाई मेजर विक्रांत जेटली (रिटायर्ड) के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया। कई महीनों की कोशिशों के बाद, मैंने उनके लिए वकीलों की व्यवस्था कर ली है। विदेश मंत्रालय की मजबूत मदद के साथ मुझे पूरा भरोसा है कि हम उस सैनिक को वापस लाएंगे जिसने अपनी पूरी जवानी देश की सेवा में लगा दी।”

16 महीनों से चल रही हिरासत
विक्रांत जेटली रिटायरमेंट के बाद 2016 से दुबई में रह रहे थे। सितंबर 2024 में उन्हें नेशनल सिक्योरिटी केस में UAE सिक्योरिटी टीम द्वारा हिरासत में लिया गया था। तब से परिवार से उनका कोई संपर्क नहीं हो सका।
सेलिना जेटली ने इस दौरान कानूनी सहायता ली, लेकिन दूसरे देश के कानून के तहत भारत से सीमित मदद ही संभव थी। लंबी कोशिशों के बाद जब संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्होंने विदेश मंत्रालय से मदद की याचिका दायर की।