दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित !

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कलेक्टर श्री संदीप जी आर के सक्षम निर्देशन में मध्य प्रदेश शासन द्वारा संचालित सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत भारत सरकार की वयोश्री योजना के तहत एलिम्को जबलपुर के माध्यम से पूर्व में आयोजित परीक्षण शिविरों में चिन्हित दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण के लिए एक भव्य वितरण कैम्प का आयोजन दिनांक 28 सितंबर 2025 को जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) सागर में किया गया। यह कार्यक्रम न केवल दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषता रही कि इसमें कुल 227 हितग्राहियों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण प्रदान किए गए, जो वयोश्री योजना एवं एडिप (एडवांस्ड डिवाइजिस फॉर एडल्ट्स एंड चिल्ड्रेन) योजना के अंतर्गत चिन्हित थे। इन उपकरणों में कान की मशीन, घुटने का बेल्ट, कमर का बेल्ट, वॉकींग स्टिक, व्हील चेयर तथा मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल जैसी उपयोगी वस्तुएं शामिल थीं। इन उपकरणों के वितरण से लाभार्थियों के दैनिक जीवन में सहूलियत आई है, जिससे वे अधिक स्वावलंबी बन सकेंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ: धार्मिक आनुष्ठानों से

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं नगर निगम सागर के अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। विशिष्ट अतिथियों में श्री श्याम तिवारी, श्री जगन्नाथ गौरैया, श्री मनीष चौबे, श्री अंशुल हर्षे, श्री अंशुल परिहार, श्री नितिन सोनी तथा श्री राहुल वैद्य जैसे प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन की शुरुआत अतिथिगण द्वारा श्री गणेश की प्रतिमा को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन से की गई, जो कार्यक्रम को एक पवित्र एवं उत्साहपूर्ण माहौल प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुई।

इस अवसर पर कलापथक दल द्वारा स्वागत गीत एवं नशामुक्ति पर आधारित एक सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच संचालन का दायित्व डॉ. सर्वेश्वर उपाध्याय, प्राध्यापक गौर महाविद्यालय सागर ने बखूबी निभाया, जिससे कार्यक्रम सुचारू एवं जीवंत रहा।

मुख्य अतिथि का उद्बोधन: एकात्म मानववाद की प्रतिबद्धता

मुख्य अतिथि श्री वृन्दावन अहिरवार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में शासन की कल्याणकारी नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद सिद्धांत पर आधारित है, जो समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा निःशक्तजनों के लिए सम्मानजनक शब्द ‘दिव्यांगजन’ का प्रयोग किया जाना इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है। श्री अहिरवार ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “ये योजनाएं न केवल शारीरिक सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास जगाती हैं, जिससे वे समाज के मुख्यधारा में सम्मिलित हो सकें।”

विशिष्ट अतिथि का संदेश: सबका साथ, सबका विकास

विशिष्ट अतिथि श्री श्याम तिवारी ने अपने संबोधन में शासन की गरीब कल्याण की दिशा पर बल देते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सरल बनाने के लिए कृतसंकल्प हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ का उल्लेख करते हुए कहा कि एडिप योजना एवं वयोश्री योजना के माध्यम से सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जा रहा है। श्री तिवारी ने स्पष्ट किया कि हमारा मुख्य लक्ष्य इन योजनाओं का लाभ समाज के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे इन उपकरणों का सदुपयोग करें और स्वस्थ जीवन जिएं।

लाभार्थियों की प्रतिक्रिया: खुशी और कृतज्ञता का भाव

कार्यक्रम में उपस्थित हितग्राहियों ने सहायक उपकरण प्राप्त करने पर अत्यधिक खुशी व्यक्त की। कई लाभार्थियों ने बताया कि इन उपकरणों से उनकी गतिशीलता में सुधार होगा और वे दैनिक कार्यों को आसानी से कर सकेंगे। एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, “सरकार के इस प्रयास से हमें नई जिंदगी मिली है। हम शासन-प्रशासन के प्रति हृदय से कृतज्ञ हैं।” इसी प्रकार, एक दिव्यांगजन ने व्हील चेयर प्राप्त करने पर भावुक होकर कहा कि यह उपकरण उनके लिए स्वतंत्रता का प्रतीक है। इन प्रतिक्रियाओं से कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्णतः सिद्ध हुआ।

अन्य उपस्थित अधिकारियों की भूमिका

कार्यक्रम में संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय सागर संभाग डॉ. डी.एस. यादव, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत, शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित छात्रावास विद्यालय पंडापुरा सागर के अधीक्षक श्री प्रहलाद राय, डीडीआरसी सागर के प्रभारी श्री शानू हर्षे तथा सामाजिक न्याय विभाग के अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. यादव ने बताया कि सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत ऐसे और भी कैम्प आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो सकें।

कार्यक्रम का समापन: लंच वितरण से

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी हितग्राहियों को लंच पैकेट वितरित किए गए, जिससे आयोजन की मेजबानी की सराहना हुई। यह न केवल एक प्रशासनिक आयोजन था, बल्कि सामाजिक एकजुटता का प्रतीक भी सिद्ध हुआ। जिला प्रशासन ने इसकी सफलता का श्रेय केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग को दिया।

यह वितरण शिविर सागर जिले में दिव्यांग कल्याण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। 앞으로 ऐसे और अधिक प्रयासों से समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त होगा। सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत यह आयोजन शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, जो अंतिम व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के प्रति समर्पित है।

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