भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में नगरीय प्रशासन विभाग की बड़ी कार्रवाई
सागर ज़िले की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। देवरी नगर पालिका की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन को भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में पद से हटा दिया गया है। मध्यप्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव शिवराज सिंह वर्मा ने उनके विरुद्ध आदेश जारी किए।

भाजपा की ही पार्षदों ने खोला मोर्चा
नेहा जैन भाजपा के टिकट पर पार्षद बनी थीं और फिर नगर पालिका अध्यक्ष का पद संभाला। लेकिन समय बीतते ही उन्हीं की पार्टी के पार्षद उनके खिलाफ खड़े हो गए। नगर पालिका में कुल 15 पार्षद हैं, जिनमें से 14 भाजपा के और 1 निर्दलीय है।
भाजपा के ही 9 पार्षदों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लगातार धरना, आंदोलन और शिकायतें कीं। यहां तक कि अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया

विधायक ने भी उठाई आवाज
देवरी के भाजपा विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने भी अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और विधानसभा तक में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सरकार से मामले की जांच कराने और ठोस कार्रवाई की मांग की थी।

जांच में सिद्ध हुए तीन बड़े आरोप
विभागीय जांच में अध्यक्ष नेहा जैन पर लगे कई आरोपों में से तीन गंभीर आरोप सही पाए गए–
- बिना अनुमति भर्ती: अध्यक्ष ने मस्टर रोल पर 13 कर्मचारी और 2 ऑपरेटर को बिना अधिकार और अनुमति के भर्ती किया।
- खरीद में अनियमितता: रैन बसेरा समेत कई स्थानों पर एसी की खरीद में वित्तीय अनियमितता की गई।
- प्रेसिडेंट इन काउंसिल का गलत विघटन: नियमों के विपरीत प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PiC) को भंग किया गया।
इन आरोपों के आधार पर शासन ने उन्हें पद से हटाने का आदेश दिया।

पार्षदों ने मनाया जश्न
जैसे ही नेहा जैन को पद से हटाने का आदेश आया, पार्षदों और उनके समर्थकों ने खुशी जाहिर की। नगर पालिका में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। यह कदम पार्षदों की जीत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से वे अध्यक्ष के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे।
राजनीति में मचा हलचल
इस कार्रवाई के बाद देवरी और पूरे ज़िले की राजनीति में हलचल मच गई है। चूंकि यह मामला भाजपा शासित निकाय और भाजपा अध्यक्ष से जुड़ा था, इसलिए संगठन के भीतर भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अब देखना होगा कि भाजपा संगठन इस विवाद और गुटबाजी से कैसे निपटता है और नेहा जैन के हटने के बाद नगर पालिका की राजनीति किस दिशा में जाती है।