सागर जिले की देवरी नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर हुए भरी कुर्सी–खाली कुर्सी चुनाव का परिणाम बुधवार को सामने आ गया। 19 जनवरी को हुए मतदान के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो राउंड में मतगणना पूरी की गई। मतगणना के परिणामों में भरी कुर्सी को 1197 मतों से निर्णायक जीत मिली। इसके साथ ही वर्तमान अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन ने अपना पद बरकरार रखते हुए राजनीतिक विरोधियों को करारा जवाब दिया।
कड़ी सुरक्षा में शांतिपूर्ण मतगणना
मतगणना देवरी स्थित शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कराई गई। मतगणना स्थल पर किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई। प्रशासन की सख्ती के चलते मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दो राउंड में मतगणना पूरी कर परिणाम घोषित किए गए।

पहले राउंड से ही भरी कुर्सी को बढ़त
मतगणना के शुरुआती रुझानों से ही यह स्पष्ट हो गया था कि जनता का झुकाव भरी कुर्सी की ओर है।
- पहले राउंड में भरी कुर्सी (नेहा जैन) को 4036 वोट मिले, जबकि खाली कुर्सी को 3130 वोट प्राप्त हुए।
- दूसरे राउंड में भी यही बढ़त बनी रही और अंततः भरी कुर्सी 1197 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुई।
अविश्वास प्रस्ताव और कोर्ट स्टे के बाद जनता का फैसला
नेहा जैन के अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद ही नगर पालिका परिषद में विरोध शुरू हो गया था। परिषद के कई पार्षद उनके कामकाज से असंतुष्ट बताए जा रहे थे। इसी के चलते उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और उन्हें पद से हटाया गया। हालांकि बाद में कोर्ट से स्टे मिलने के बाद नेहा जैन दोबारा अध्यक्ष पद पर लौट आई थीं।
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने जनता की राय जानने के लिए अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने संबंधी भरी कुर्सी–खाली कुर्सी चुनाव की घोषणा की।

भाजपा से निष्कासन ने बढ़ाया राजनीतिक घमासान
विवाद उस समय और गहरा गया जब भारतीय जनता पार्टी ने नेहा जैन और उनके पति अलकेश जैन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया। इसके बाद परिषद के 13 पार्षद खुलकर नेहा जैन के विरोध में आ गए। पार्षदों ने दोबारा अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया और चुनाव में खाली कुर्सी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
मतदान में दिखा जनता का उत्साह
19 जनवरी को हुए मतदान में देवरी नगर पालिका क्षेत्र में 69.29 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
- कुल पंजीकृत मतदाता: 19,248
- कुल मतदान: 13,337
- पुरुष मतदाता: 7242
- महिला मतदाता: 6095
15 वार्डों के लिए 30 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां सुबह से शाम तक मतदाताओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। यह मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि जनता इस चुनाव को लेकर कितनी गंभीर और जागरूक थी।
दूसरी बार हुआ भरी कुर्सी–खाली कुर्सी का चुनाव
देवरी नगर पालिका के इतिहास में यह दूसरी बार है जब इस तरह का चुनाव कराया गया। इससे पहले वर्ष 2007 में भी भरी कुर्सी–खाली कुर्सी का चुनाव हुआ था, जिसमें तत्कालीन अध्यक्ष अनिल जैन दोबारा चुने गए थे। करीब 18 साल बाद एक बार फिर जनता ने इतिहास दोहराते हुए भरी कुर्सी के पक्ष में फैसला सुनाया।
विधायक और पार्षदों की साख पर लगा सवाल
इस चुनाव में अध्यक्ष नेहा जैन के साथ-साथ देवरी विधायक बृजबिहारी पटेरिया और विरोधी 13 पार्षदों की साख भी दांव पर लगी थी। विधायक पटेरिया ने खुले तौर पर भरी कुर्सी के खिलाफ प्रचार किया और मतदाताओं से खाली कुर्सी के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी।
लेकिन चुनाव परिणाम ने साफ कर दिया कि जनता ने इन अपीलों को नकारते हुए नेहा जैन के नेतृत्व पर भरोसा जताया। इस नतीजे के बाद देवरी में भाजपा की आंतरिक राजनीति, रणनीति और संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं।
जनता का स्पष्ट संदेश
इस चुनाव परिणाम को स्थानीय राजनीति में जनता के फैसले की जीत के रूप में देखा जा रहा है। तमाम विरोध, निष्कासन और राजनीतिक दबाव के बावजूद नेहा जैन की जीत यह दर्शाती है कि देवरी की जनता ने विकास और नेतृत्व को प्राथमिकता दी है। आने वाले समय में यह परिणाम नगर पालिका की राजनीति और सागर जिले के राजनीतिक समीकरणों पर गहरा असर डाल सकता है।