देवरी में नशे के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई !

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सागर, देवरी |
शहर में बढ़ते नशाखोरी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए देवरी थाना पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने नशे की हालत में पकड़े गए छह युवकों को सार्वजनिक रूप से नगर के मुख्य मार्गों पर जुलूस के रूप में घुमाया और उन्हें नशा न करने की शपथ दिलाई। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य समाज को नशे के खिलाफ संदेश देना और युवाओं को जागरूक करना था।

लगातार मिल रही थीं शिकायतें

थाना प्रभारी मीनेश भदौरिया ने बताया कि बीते कुछ समय से देवरी नगर के विभिन्न वार्डों से नशे की हालत में युवकों द्वारा उत्पात मचाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इससे आमजन परेशान थे और नगर का वातावरण भी अशांत हो रहा था। पुलिस ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर छह युवकों को पकड़ा

ये युवक पकड़े गए नशे की हालत में

पकड़े गए युवकों में

  • अंकित उर्फ पुंडे
  • शुभम
  • दस्सू
  • चंद्रशेखर
  • अतुल
  • उदय प्रताप शामिल हैं।

इन सभी को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर थाने लाया गया और बाद में न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

जुलूस बना जागरूकता का माध्यम

न्यायालय ले जाने से पहले पुलिस ने एक प्रभावशाली जन-जुलूस निकालकर आरोपियों को नगर के मुख्य मार्गों से पैदल घुमाया। इस दौरान सभी नशेड़ी खुद कह रहे थे –
“नशा करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है!”

जुलूस का उद्देश्य था कि समाज को दिखाया जाए कि नशे का क्या हश्र हो सकता है और युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए। इस दौरान स्थानीय नागरिकों में भी खासा उत्साह और संतोष देखा गया।

नशे के सौदागरों पर भी कड़ी निगरानी

थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस द्वारा स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इस दिशा में अलग से विशेष अभियान चलाया जा रहा है और नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

समाज को संदेश: नशे से दूर रहें

देवरी पुलिस की इस कार्रवाई को समाज में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां नशेड़ी युवकों को उनके किए की सार्वजनिक चेतावनी दी गई, वहीं दूसरी ओर नगरवासियों को भी यह संदेश दिया गया कि नशा न सिर्फ अवैध है, बल्कि समाज और परिवार दोनों के लिए विनाशकारी है।

देवरी थाना पुलिस की यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में एक कड़ा कदम है, बल्कि सामाजिक जागरूकता की मिसाल भी है। यदि अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की रणनीति अपनाई जाए, तो समाज से नशाखोरी जैसी बुराई को जड़ से मिटाने में मदद मिल सकती है।


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