सागर, मध्यप्रदेश। सागर जिले के देवरी क्षेत्र में यूरिया वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी के गंभीर आरोपों के चलते प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री मुन्नवर खान ने बहुद्देश्यीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, रसैना के खिलाफ जांच टीम गठित की।

जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया
जांच टीम में शामिल थे:
- चन्द्रभान दीवान, नायब तहसीलदार, देवरी
- कमल खरते, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, देवरी
- यथार्थ बिरला, कृषि विस्तार अधिकारी
- सुनीलकांत खटीक, कृषि विस्तार अधिकारी
दिनांक 20 सितंबर 2025 को टीम ने समिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण में यह पाया गया कि यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद समिति प्रबंधक अभिषेक राजपूत ने किसानों को समय पर वितरण नहीं किया और बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं।
मुख्य तथ्य
- यूरिया की कुल आवक: 670 बैग (30.150 मीट्रिक टन)
- गोदाम में पाए गए: 490 बैग
- गायब / अन्यत्र भंडारित: 180 बैग
जांच से स्पष्ट हुआ कि यह 180 बैग यूरिया अन्यत्र स्थानांतरित किए गए, जो स्पष्ट रूप से कालाबाजारी का संकेत है। निरीक्षक द्वारा समिति प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया।

कानूनी कार्रवाई
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री मुन्नवर खान के निर्देशन में, 21 सितंबर 2025 को समिति प्रबंधक अभिषेक राजपूत के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई यूरिया की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितताओं के खिलाफ सख्त संदेश देती है।
प्रशासन की अपील
कलेक्टर कार्यालय और अनुविभागीय अधिकारी ने किसानों से विशेष अपील की है कि:
- यूरिया या किसी अन्य उर्वरक की कालाबाजारी में शामिल किसी व्यक्ति से खरीद न करें।
- केवल शासन द्वारा अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक प्राप्त करें।
- किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि देखने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि प्रशासन किसानों के हित और सरकारी वितरण प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।