देवरी में राष्ट्रीय आजीविका मिशन प्रशिक्षण कार्यशाला

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फलों और फसलों की उन्नत कृषि तकनीकों पर प्रशिक्षण, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का मार्गदर्शन

सागर, 14 सितम्बर 2025।
देवरी विकासखंड में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रशिक्षण कार्यशाला में आज किसान समुदाय ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम हितग्राही मूलक योजना के पायलट प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यशाला में न केवल महिला स्व-सहायता समूह की सक्रिय भागीदारी देखी गई, बल्कि उनके परिवारों के पुरुष सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया, जिससे प्रशिक्षण की प्रभावशीलता और व्यावहारिक उपयोगिता और अधिक बढ़ी।


उद्यानिकी विभाग द्वारा दी गई प्रशिक्षण सामग्री

प्रशिक्षक श्री रियाज़ खान ने किसानों को फलदार पौधों की रोपण तकनीक, पौधों का प्रबंधन और पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं, चना और सोयाबीन की उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने किसानों को यह भी बताया कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर उपज में सुधार कैसे किया जा सकता है और पौधों की देखभाल को और अधिक वैज्ञानिक बनाया जा सकता है।


प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का मार्गदर्शन

कार्यशाला में अजीविका मिशन के प्रबंधक श्री नीरज डहरवाल ने प्रतिभागियों को PMFME योजना के तहत मिलने वाले अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान अपनी फल-सब्ज़ियों और अन्य कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कर स्वयं का ब्रांड तैयार कर सकते हैं।

  • इससे उत्पाद का मूल्य संवर्धन (Value Addition) होगा
  • किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा
  • युवाओं को उत्पादन, पैकिंग और मार्केटिंग में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे

कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फलदार पौधों की खेती और पारंपरिक फसलों में उन्नत तकनीकों का मिश्रण किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगा।

कार्यशाला में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे –

  • जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री मनीष चतुर्वेदी
  • श्री आकाश तिवारी, श्री भागवत पटेल, श्री पुष्पेंद्र खालवा, श्री जिनेंद्र चचौड़िया
    सुश्री चतुर्वेदी ने किसानों को आश्वस्त किया कि जनपद स्तर से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी और देवरी विकासखंड को “माँ की बगिया” योजना में प्रदेश स्तर पर श्रेष्ठ स्थान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

पुरुष हितग्राहियों की सक्रिय भागीदारी

कार्यशाला में विशेष रूप से यह देखा गया कि पुरुष हितग्राही भी प्रशिक्षण में पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। उनका यह योगदान न केवल कृषि कार्यों में उनकी भागीदारी को बढ़ाएगा, बल्कि परिवार और समुदाय स्तर पर कृषि उत्पादन, प्रबंधन और विपणन के लिए सामूहिक सोच को भी बढ़ावा देगा।


उद्देश्य और अपेक्षित लाभ

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य है –

  • किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और फलदार पौधों की खेती की जानकारी देना
  • स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर किसानों की आमदनी बढ़ाना
  • PMFME योजना के तहत स्वयं के ब्रांड और वैल्यू एडिशन के अवसर प्रदान करना
  • युवाओं और पुरुष हितग्राहियों को कृषि और उद्योग क्षेत्र में रोजगार के लिए प्रेरित करना
  • देवरी विकासखंड को प्रदेश स्तर पर मॉडल क्षेत्र के रूप में स्थापित करना

निष्कर्ष

देवरी में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि पुरुष और महिला हितग्राही मिलकर कृषि और आजीविका में अपनी भागीदारी बढ़ा सकते हैं। यह पहल न केवल किसानों की आय और उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण समाज में आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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