देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र के सतवास में बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई। प्रशासनिक अमले के पहुंचने पर पति-पत्नी ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है। मामले के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, सतवास बस स्टैंड क्षेत्र में स्टेशनरी और फोटोकॉपी की दुकान चलाने वाले संतोष व्यास एक कॉलोनी में मकान का निर्माण करवा रहे थे। प्रशासन को इस निर्माण को लेकर नाली पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। इसी के चलते बुधवार को तहसीलदार अरविंद दिवाकर जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे।

कार्रवाई के दौरान संतोष व्यास और उनकी पत्नी जयश्री व्यास की तहसीलदार से बहस हो गई। इसी बीच, दंपती ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक अमले ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे।

घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने सतवास बस स्टैंड स्थित पुलिस थाने के सामने चक्काजाम कर दिया और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने परिवार से पैसे की मांग की थी। वहीं, व्यास परिवार ने कार्रवाई को अवैधानिक बताते हुए कहा कि निर्माण के लिए पहले ही सभी आवश्यक अनुमतियां ली जा चुकी थीं।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तहसीलदार अरविंद दिवाकर को कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया है। इधर, तहसीलदार का कहना है कि यह कार्रवाई एसडीएम के आदेश पर नाली से अतिक्रमण हटाने के लिए की जा रही थी। उनसे पहले एक अन्य परिवार ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया था, लेकिन व्यास परिवार के मामले में यह दुखद घटना हो गई।
फिलहाल दंपती का इलाज इंदौर में जारी है और प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।