नए साल में ईमानदारी की मिसाल: ऑटो चालक ने लौटाए 5 लाख के जेवर, पुलिस ने किया सम्मानित !

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सागर। नए साल की शुरुआत एक प्रेरणादायक और सुखद घटना के साथ हुई है। शहर में एक ऑटो चालक ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने समाज में मानवीय मूल्यों और विश्वास को और मजबूत किया है। एक महिला यात्री का कीमती बैग ऑटो में छूट गया था, जिसमें करीब 5 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर और 5300 रुपये नकद रखे हुए थे। ऑटो चालक ने न केवल इस बैग को सुरक्षित रखा, बल्कि उसे खोलकर देखने तक की कोशिश नहीं की।

जानकारी के अनुसार, चितौरा बेरखेरी निवासी कैलाश रजक अपने परिवार के साथ भोपाल से बस द्वारा सागर पहुंचे थे। बस स्टैंड से वे ऑटो के माध्यम से अपने घर पहुंचे, लेकिन जल्दबाजी में उनका एक बैग ऑटो में ही छूट गया। घर पहुंचने के बाद जब परिवार को बैग के छूटने का एहसास हुआ, तो उनके होश उड़ गए, क्योंकि बैग में शादी-ब्याह के कीमती जेवरात और नगद राशि रखी थी।

घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल उप निरीक्षक आरकेएस चौहान को अपने कक्ष में बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और बैग की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बिना देरी किए एक विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक रेखा रजक, महिला आरक्षक उर्मिला और आरक्षक रेडियो राकेश सुलखिया ने संबंधित रूट के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। लगातार मेहनत के बाद उस ऑटो की पहचान कर ली गई, जिसमें बैग छूटा था। जांच के दौरान यह सामने आया कि ऑटो चालक मुकेश मिश्रा को बैग मिला जरूर था, लेकिन उन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए उसे न तो खोला और न ही किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाया।

पुलिस द्वारा संपर्क किए जाने पर ऑटो चालक ने बिना किसी हिचकिचाहट के बैग पुलिस को सौंप दिया। जब बैग महिला यात्री को सुरक्षित लौटाया गया, तो जेवर देखकर उसके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। परिवार ने पुलिस और ऑटो चालक दोनों का आभार व्यक्त किया।

इस सराहनीय कार्य के लिए एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने ऑटो चालक मुकेश मिश्रा को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि नए साल में यह घटना एक सुखद शुरुआत है और यह साबित करती है कि आज भी समाज में ईमानदार लोगों की कमी नहीं है। उन्होंने ऑटो चालकों और आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी सवारी का सामान वाहन में छूट जाए, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें, जिससे सामान सही व्यक्ति तक जल्द पहुंचाया जा सके।

यह घटना न केवल ईमानदारी की मिसाल है, बल्कि पुलिस की तत्परता और तकनीकी संसाधनों के सही उपयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक परिवार की बड़ी चिंता को खुशियों में बदल दिया।

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