सोमवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर रजनी सिंह ने अस्पताल परिसर में ओपीडी, पीएम हाउस और दवा वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान परिसर में कई जगह थूक के निशान देख कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में थूकने वालों पर सख्ती से जुर्माना लगाया जाए और उन्हें थूकने से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में समझाया जाए। उन्होंने कहा, “अस्पताल इलाज का स्थान है, यहां स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। गंदगी से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है, जिससे मरीजों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।”



सिविल सर्जन राजकुमार चौधरी ने बताया कि पिछले एक महीने में अस्पताल परिसर में थूकने वालों पर लगभग 400 लोगों पर 20-20 रुपए का चालान काटा गया है। इसके बावजूद कुछ लोग अपनी आदत बदलने के लिए तैयार नहीं हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जिला अस्पताल को साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने के लिए स्वच्छता को लेकर निरंतर अभियान चलाया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश, पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना, सीएमएचओ मनीष कुमार मिश्रा और सिविल सर्जन राजकुमार चौधरी के साथ अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहे।