नर्मदा परिक्रमा के लिए जा रही श्रद्धालुओं की बस पलटी: एक महिला की मौत, 54 घायल — खेतिया-पाटी रोड पर मचा हाहाकार, ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा !

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नर्मदा परिक्रमा के पावन सफर पर निकले श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार की सुबह दर्दनाक साबित हुई। बड़वानी जिले के खेतिया थाना क्षेत्र में खेतिया-पाटी रोड के बीच बायगौर घाट पर श्रद्धालुओं से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई और घाट पर सन्नाटा पसर गया। हादसे में 62 वर्षीय सुगन बाई बद्री निवासी जामदा, जिला धार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 54 से अधिक यात्री घायल हो गए।

यह बस (वाहन क्रमांक MP46ZP7986) नर्मदा परिक्रमा के लिए इंदौर से निकली थी और ओंकारेश्वर होते हुए बड़वानी से प्रकाशा (महाराष्ट्र) की ओर जा रही थी। सभी यात्री अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालु थे जो नर्मदा के आशीर्वाद की कामना लिए यात्रा कर रहे थे। लेकिन बायगौर घाट पर उनका यह धार्मिक सफर एक भयावह दुर्घटना में बदल गया।


🕘 सुबह 9 बजे हुआ हादसा – घाट पर गूंजी चीखें

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ। बस जैसे ही बायगौर घाट के तीव्र मोड़ पर पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। घाट की ढलान पर बस के पलटने के बाद यात्रियों के बीच हाहाकार मच गया।
कुछ यात्री बस के नीचे दब गए, तो कुछ खिड़कियों से बाहर गिर पड़े। आसपास के ग्रामीणों ने दौड़कर मौके पर पहुंचकर यात्रियों की मदद शुरू की और खेतिया पुलिस को सूचना दी।


🚓 पुलिस और प्रशासन का त्वरित रेस्क्यू अभियान

खेतिया और पाटी थाना प्रभारी सहित पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला गया।
घायलों को खेतिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां प्रारंभिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल दो श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया।

मौके पर राहत कार्यों में जेसीबी और दो क्रेन की मदद ली गई ताकि बस के नीचे दबे यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।


🏥 घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग अधिक

हादसे में घायल यात्रियों में अधिकांश महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। कई श्रद्धालु 60 वर्ष से अधिक आयु के बताए जा रहे हैं। रसोई बनाने वाले दिशान नामक व्यक्ति ने बताया कि बस बड़वानी से निकलने के बाद सब कुछ सामान्य था, लेकिन घाट पर उतरते समय अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया

“बस तेज़ी से नीचे उतर रही थी, ड्राइवर ने कंट्रोल करने की कोशिश की लेकिन ब्रेक ने जवाब दे दिया। बस पहले डिवाइडर में टकराई, फिर पलट गई,” — दिशान (परिक्रमावासियों के रसोइया)


🏗️ दो श्रद्धालु फंसे, क्रेन से किया गया बचाव

हादसे के बाद दो श्रद्धालु बस में फंसे रह गए थे। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद दोनों को क्रेन की मदद से बाहर निकाला। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक क्रेन नहीं आई, तब तक बस की बॉडी काटकर राहत कार्य चलाया गया।


👥 विधायक श्याम बर्डे मौके पर पहुंचे

पानसेमल विधायक श्याम बर्डे भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को समुचित उपचार मिले और गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को तत्काल जिला अस्पताल बड़वानी या इंदौर रेफर किया जाए।

“यह एक बेहद दुखद घटना है। नर्मदा परिक्रमा जैसे धार्मिक यात्रा में ऐसी दुर्घटना हृदयविदारक है। सरकार हर संभव मदद करेगी।” — श्याम बर्डे, विधायक पानसेमल


🚑 राहत कार्यों में जुटे ग्रामीण बने देवदूत

स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर जो साहस दिखाया, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ रहा। दुर्घटना के तुरंत बाद लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला, पानी पिलाया और अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
ग्रामीणों के मुताबिक, बस में कुल 55 से 60 यात्री सवार थे, जिनमें कुछ बच्चे भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु नर्मदा तट के दर्शन करने निकले थे।


⚙️ ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा — प्रारंभिक जांच में खुलासा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बस ब्रेक फेल होने के कारण पलटी। घाट की उतराई पर बस तेज़ रफ्तार में थी और चालक ने ब्रेक दबाया, परन्तु ब्रेक ने जवाब दे दिया। बस डिवाइडर से टकराई और पलटकर घाट के किनारे फिसल गई।
यदि बस कुछ और मीटर आगे बढ़ जाती, तो वह घाट की गहरी खाई में गिर सकती थी, जिससे जनहानि और अधिक बढ़ जाती।


🙏 श्रद्धालु सुगन बाई की मौत, गांव में शोक

हादसे में जान गंवाने वाली सुगन बाई बद्री (62 वर्ष) धार जिले के जामदा गांव की निवासी थीं। वह अपने परिजनों के साथ नर्मदा परिक्रमा पर निकली थीं। उनके निधन की सूचना मिलते ही जामदा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन और ग्रामवासी खेतिया के लिए रवाना हुए।


🔍 जांच के आदेश, चालक से पूछताछ जारी

खेतिया थाना पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट और ब्रेक सिस्टम की सर्विसिंग कब हुई थी।
साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि बस में यात्रा के दौरान ओवरलोडिंग तो नहीं की गई थी।


⚠️ बार-बार दोहराया जा रहा सवाल – क्या सुरक्षित हैं धार्मिक यात्रियों के वाहन?

यह हादसा एक बार फिर उस सवाल को जन्म देता है कि क्या धार्मिक यात्राओं में उपयोग होने वाले निजी बस वाहन सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं?
अक्सर परिक्रमा, यात्रा या तीर्थयात्रा के दौरान ओवरलोडिंग और वाहन की तकनीकी खामियां इन यात्राओं को मौत के सफर में बदल देती हैं।


💬 स्थानीय प्रशासन का बयान

एसडीओपी पाटी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस बल और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचाई गई। घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और गंभीर घायलों को रेफर किया गया है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, और बस को क्रेन की मदद से सड़क से हटा लिया गया है। यातायात सुचारू कर दिया गया है।


🌿 श्रद्धालु बोले — “नर्मदा मां ने बचा लिया”

कई घायल श्रद्धालुओं ने अस्पताल में बताया कि हादसा बहुत बड़ा हो सकता था, लेकिन उन्हें लगता है कि नर्मदा मां की कृपा से वे बच गए। एक वृद्ध यात्री ने कहा —

“हम सब तो बस मौत के मुंह से लौटे हैं, मां नर्मदा ने ही हमारी रक्षा की।”

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