बरौदियाकलां। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरौदियाकलां में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में युवा प्रेरक अविराज सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण का असली आधार नशामुक्त, चरित्रवान और जागरूक युवा ही बन सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
युवाओं की परिभाषा – उम्र नहीं, सोच से बनता है युवा
अविराज सिंह ने कहा कि युवा केवल वह नहीं जो उम्र में छोटा हो, बल्कि वह व्यक्ति है जिसके भीतर कुछ नया सीखने की लालसा, नया ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा और आगे बढ़ने का जुनून हो। जब तक व्यक्ति में सीखने की भूख है, वह वास्तव में युवा है। उन्होंने कहा कि हर युवा के अंदर ऊर्जा, साहस और संकल्प की क्षमता होती है। सही दिशा और मजबूत चरित्र उसे किसी भी क्षेत्र में सफलता दिला सकता है।
ग्रामीण अंचलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता
बरौदियाकलां में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा तथा बीकोरकलां के बंधबब्बा प्रांगण में आयोजित कथा कार्यक्रम में भी अविराज सिंह शामिल हुए, जहां उन्होंने आध्यात्मिक माध्यमों से समाज को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स और आधुनिक तकनीक युवाओं के लिए बड़ा अवसर
अविराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में युवाओं को ध्यान में रखकर गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तेजी से बढ़े हैं।
उन्होंने बताया कि—
देश में पिछले कुछ वर्षों में 75 हजार नई शैक्षणिक सीटें जोड़ी गईं।
ड्रोन टेक्नोलॉजी को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर दवाइयां एवं वैक्सीन दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं के लिए करियर और पहचान का नया मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं।
सोशल मीडिया के सही उपयोग पर उन्होंने कहा—
“इंस्टाग्राम, फेसबुक और वेबसाइट निर्माण जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा मौका देते हैं। गलत उपयोग नुकसान करता है, पर सही उपयोग सफलता दिलाता है।”
सफलता मार्क्स से नहीं, सही दिशा और इच्छाशक्ति से मिलती है
उन्होंने बोर्ड परीक्षा के दबाव और आत्महत्या के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 से 2020 तक 12,500 से अधिक छात्रों ने फेल होने पर आत्महत्या की, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने विराट कोहली का उदाहरण देते हुए कहा—
“3 नंबर गणित में आने पर भी कोहली दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बने। आपकी रुचि और समर्पण ही आपकी असली ताकत है।”
युवा राजनीति में आएं, देश को नई दिशा दें
अविराज सिंह ने युवाओं से राजनीति में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि यदि योग्य और पढ़े-लिखे युवा राजनीति में नहीं आएंगे, तो गलत लोग सत्ता संभालकर देश का नुकसान करेंगे। राजनीति ही वह माध्यम है जिससे सीधा समाज और राष्ट्र के हित में बदलाव लाया जा सकता है।
मोबाइल का बढ़ता उपयोग – सबसे बड़ा खतरा
उन्होंने कहा कि आज युवाओं का सबसे बड़ा दुश्मन उनका ही मोबाइल बन गया है।
दिन में 2 घंटे मोबाइल = साल में 730 घंटे की बर्बादी उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञानवर्धन के लिए करें, न कि समय नष्ट करने के लिए।
“हमारे आइकन वही बनें जिनसे हमें सीख मिले, न कि जो गलत रास्ते पर ले जाएं।”
नशे की बढ़ती समस्या – 10 से 17 वर्ष के 1.48 लाख बच्चे प्रभावित
दिल्ली AIIMS की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नशा युवाओं को मानसिक, शारीरिक और नैतिक रूप से बर्बाद कर रहा है। इस आयु वर्ग में नशे की संख्या चिंताजनक है। महात्मा गांधी के शब्दों को याद करते हुए उन्होंने कहा—
“नशा इंसान को नैतिक रूप से गिराता है और अपराध को बढ़ाता है।”
सोशल मीडिया पर बढ़ती अश्लीलता को उन्होंने युवाओं के चरित्र और मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव बताकर चिंता जताई।
स्वामी विवेकानंद का संदेश – खुद को कभी कमजोर मत समझो
अविराज सिंह ने अपने संबोधन के अंत में स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध वाक्य को दोहराया—
“सबसे बड़ा पाप है खुद को कमजोर समझना।” उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य तभी सुरक्षित है जब हमारे युवा नशा मुक्त, लक्ष्य-एकाग्र और चरित्रवान होंगे।