नीमच: मनासा में गुलियन-बेरी सिंड्रोम का कहर, दो बच्चों की मौत, 15 लोग संक्रमित !

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नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच जिले के मनासा कस्बे में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (GBS) का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक इस बीमारी से दो मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कुल 15 लोग इसकी चपेट में आए हैं। इनमें से 6 मरीजों में GBS की पुष्टि हो चुकी है, वहीं 9 अन्य संदिग्ध मरीजों पर स्वास्थ्य विभाग की कड़ी निगरानी बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरा स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है।

पूरे मनासा में सघन सर्वे और निगरानी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनासा कस्बे के सभी 15 वार्डों में सघन भ्रमण, घर-घर सर्वे और स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध मरीज को नजरअंदाज न किया जाए और लक्षण मिलने पर तुरंत इलाज की व्यवस्था की जाए।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल शनिवार को मनासा पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि घर-घर सर्वे, स्क्रीनिंग और सैंपल कलेक्शन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डिप्टी सीएम ने वार्ड नंबर 15 पहुंचकर GBS से मृत बच्चे सोनू के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर चल रहे स्क्रीनिंग कार्य का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

विशेषज्ञ टीमें कर रहीं लगातार जांच
भोपाल और उज्जैन से पहुंची विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें मनासा में लगातार मरीजों की जांच, सैंपल कलेक्शन और निगरानी में जुटी हुई हैं। सीएमएचओ डॉ. आरके खाघौत के अनुसार अब तक 6 मरीजों में गुलियन-बेरी सिंड्रोम की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 9 अन्य संदिग्ध मरीजों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अब तक इस बीमारी से दो बच्चों की मौत हो चुकी है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि हाथ-पैरों में अचानक कमजोरी, सुन्नपन, चलने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

मनासा में फैले GBS के मामलों ने पूरे जिले में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही हालात पर काबू पा लिया जाएगा।

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