समाजसेवी संस्था एकता समिति ने बुधवार को भगवानगंज क्षेत्र में अपना नया जनसेवा प्रकल्प ‘एकता की दीवार’ प्रारंभ किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं लेखिका श्रीमती नीलिमा पिंपलापुरे रहीं, जबकि अध्यक्षता समाजसेवी अशोक जैन पापुलर ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा सर्वधर्म चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर की गई। इसके बाद अतिथियों का पुष्पगुच्छ, पुष्पहार एवं बैज लगाकर स्वागत किया गया।
श्रीमती चंद्रप्रभा जैन ने मंगल भावना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ कराया।
“एकता की दीवार—सेवा का अनोखा माध्यम”: समिति अध्यक्ष सुधीर जैन
समिति के अध्यक्ष सुधीर जैन ने बताया कि इस प्रकल्प का उद्देश्य समाज में ‘देने वाले’ और ‘लेने वाले’ दोनों की पहचान गुप्त रखते हुए लोगों के घरों में अनुपयोगी परंतु उपयोगी सामग्री को ज़रूरतमंदों तक पहुँचाना है।
उन्होंने कहा—
“जो कपड़े या सामान हमारे घर में बेकार पड़े रहते हैं, वे किसी ज़रूरतमंद के लिए अमूल्य हो सकते हैं। न देने वाले का नाम, न लेने वाले का—बस सेवा की भावना से सामग्री यहाँ रखी जाए।”
इस प्रकल्प के साथ ‘पुण्य की अलमारी’ भी स्थापित की गई है, ताकि वस्तुएं सुरक्षित रूप से रखी व ली जा सकें।
“दीन-दुखियों की सेवा ही सच्ची सेवा” — नीलिमा पिंपलापुरे
मुख्य अतिथि श्रीमती नीलिमा पिंपलापुरे ने कहा—
“एकता समिति 23 वर्षों से मानव सेवा की अलख जगा रही है। दीन-दुखियों की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है।”
उन्होंने बताया कि हाल ही में समिति ने मेडिकल चेकअप शिविर का आयोजन किया, और अब यह नया प्रकल्प उसकी सामाजिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि समिति की कार्यशैली का प्रभाव अब पूरे भारत में देखा जा रहा है और कई संस्थाएँ एकता समिति की गतिविधियों से प्रेरणा ले रही हैं।
वरिष्ठ पत्रकार शरद गुप्ता ने सराहा पहल
वरिष्ठ पत्रकार शरद गुप्ता ने कहा—
“सेवा के क्षेत्र में समिति पहले ही चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने जैसे महत्त्वपूर्ण काम कर चुकी है। ‘एकता की दीवार’ इसका दूसरा बड़ा प्रकल्प है और भविष्य में ऐसे और सेवा कार्य सामने आएँगे।”
समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय उपस्थिति
कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख—
- अब्दुल रशीद भाई
- रमेश जैन
- राजेंद्र मलैया
- कमलचंद जैन
- चंपक भाई जैन
- विनीत जैन
- प्रमोद पटेल
- अजीत जैन
- राजेंद्र सोनी ‘मामा’
- प्रभात जैन
आदि शामिल थे।
कार्यक्रम का संचालन संजय शास्त्री ने किया और आभार सुधीर जैन ने व्यक्त किया।