नोहलेश्वर महादेव मंदिर में गूंजा विकास और आस्था का संदेश !

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दमोह (मध्यप्रदेश)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नोहलेश्वर महादेव की महिमा ऐसी है कि जो एक बार यहां आता है, उसका मन बार-बार आने को करता है। कृपावंत भगवान नोहलेश्वर महादेव के आशीर्वाद से प्रदेश विकास और जनकल्याण के मार्ग पर पूरी ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर मेले का शुभारंभ किया।


नोहटा बनेगा नगर परिषद, दमोह में विकास की नई घोषणाएं

किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनता की मांग पर परीक्षण उपरांत नोहटा को नगर परिषद बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने दमोह जिले के लिए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी—

  • 2 करोड़ रुपए की लागत से गीता भवन निर्माण
  • 600 करोड़ रुपए की नई सिंचाई परियोजना: बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता वृद्धि, जिससे 33 गांवों को पर्याप्त पानी मिलेगा
  • 10 करोड़ रुपए से वॉटर स्पोर्ट्स एवं बोट क्लब विकास
  • तेंदूखेड़ा और हटा में नए खेल स्टेडियम निर्माण
  • दमोह में नया फोर लेन मार्ग स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर का सम्मान भी किया।


बुंदेलखंड के समग्र विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दमोह सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपए की नई योजना स्वीकृत की गई है।

उन्होंने बताया कि जिले में 69 जैविक हाटों में अब तक 28 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री हो चुकी है। किसानों को खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू करना प्रशासन की सराहनीय पहल है।


किसान, पशुपालन और महिला सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने किसानों को ‘अन्नदाता’ बताते हुए कहा कि खेती के साथ पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में दूध उत्पादन 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं किया।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सहायता दी जा रही है और सरकार मातृशक्ति के सम्मान और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।


केन-बेतवा लिंक से मिलेगा पानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि दमोह जिले को केन-बेतवा लिंक परियोजना से सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। इससे सैकड़ों गांवों को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गीता जयंती को भव्य स्वरूप दिया गया है तथा विकास के साथ विरासत संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में चीतों के पुनर्स्थापन से नया इतिहास बना है।

  • कूनो नेशनल पार्क में विदेश से लाए गए 20 चीतों की संख्या बढ़कर 35 हो चुकी है।
  • मादा चीता ‘आशा’ ने हाल ही में 5 शावकों को जन्म दिया है।
  • इसी वर्ष जून में नौरादेही अभ्यारण्य में भी चीतों को छोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश टाइगर, चीता, गिद्ध और घड़ियाल संरक्षण में देश में अग्रणी है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे योजना लागू की गई है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हो रही है।


1100 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मंदिर

मुख्यमंत्री ने बताया कि नोहटा का नोहलेश्वर मंदिर 1100 वर्ष से अधिक पुराना है और इसका निर्माण कलचुरी साम्राज्य में महारानी नोहला द्वारा कराया गया था। नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ स्थानीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।


जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद श्री राहुल सिंह लोधी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, लाड़ली बहनें, युवा और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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