छतरपुर जिले के नौगांव नगर में धौर्रा रोड पर निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने की घटना ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है। शुक्रवार को हुए इस हादसे में 26 वर्षीय मजदूर राममिलन बुनकर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे नगर में हड़कंप मच गया और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
मौके पर ही हुई मजदूर की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धौर्रा रोड पर नगर पालिका द्वारा स्वागत द्वार का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन ढांचा भरभराकर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से राममिलन बुनकर (उम्र 26 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, जांच दल गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर एक जांच दल गठित किया गया। जांच रिपोर्ट में नगर पालिका नौगांव के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आर.एस. अवस्थी एवं इलेक्ट्रिकल उपयंत्री गगन सूर्यवंशी को लापरवाही का दोषी पाया गया। जांच में यह सामने आया कि निर्माण कार्य पर पर्याप्त नियंत्रण, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज
प्रशासन ने ठेकेदार के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है। निर्माण कार्य के ठेकेदार प्रो. रमेश विश्वकर्मा (पिता नाथूराम विश्वकर्मा, निवासी वार्ड क्रमांक 14, नौगांव) के विरुद्ध नौगांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
श्रम विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
हादसे के बाद श्रम विभाग की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा टीम ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। सागर संभाग की सहायक संचालक माधुरी वर्मा एवं प्रशिक्षु सहायक संचालक मेघा चंदेल शुक्रवार दोपहर नौगांव पहुंचीं। टीम ने नगर पालिका के उपयंत्री आलोक जायसवाल के साथ घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया।
टीम ने निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेज नगर पालिका से मांगे हैं। इसके साथ ही घायल मजदूरों के घर—चंदौरा, धौर्रा सहित अन्य स्थानों पर पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए गए। श्रम विभाग की टीम ने पूरे मामले का पंचनामा भी तैयार किया है।
10 से 15 दिन में पूरी होगी जांच
सहायक संचालक माधुरी वर्मा ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। घटनास्थल का निरीक्षण किया जा चुका है और मजदूरों के बयान दर्ज किए गए हैं। नगर पालिका से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के बाद विभागीय स्तर पर अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि 10 से 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
नगर में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
इस हादसे के बाद नगर में निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर आमजन में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।
प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर नगर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।