छतरपुर। जिले के नौगांव में शुक्रवार को निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने से एक मजदूर की मौत और तीन अन्य के घायल होने की घटना के बाद कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कड़ी कार्रवाई की है। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) आरएस अवस्थी और सब इंजीनियर गगन सूर्यवंशी को निलंबित कर कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।
ठेकेदार पर FIR दर्ज
कलेक्टर ने वार्ड नंबर-14, नौगांव निवासी ठेकेदार रमेश विश्वकर्मा के खिलाफ नौगांव थाने में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार रमेश कौल को इस मामले में अधिकृत किया गया है।

जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
कलेक्टर के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि:
- स्वागत द्वार का सिविल निर्माण कार्य साइट पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर से कराया जा रहा था, जो इस प्रकार के काम के विशेषज्ञ नहीं थे।
- घटना के समय संबंधित इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं थे।
- ठेकेदार ने लगभग 7 मीटर ऊंचाई पर मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपाय काम कराया।
इन कारणों से मजदूरों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ और यही हादसे का मुख्य कारण बना।

हादसे में एक की मौत, तीन घायल
हादसा धौर्रा मंदिर के पास हुआ, जब निर्माणाधीन स्वागत द्वार अचानक ढह गया। मलबे में दबने से:
- राममिलन बुनकर (25 वर्ष, करारागंज) की मौके पर ही मौत हो गई।
- घायलों में भानु कुशवाहा, धर्मेंद्र अहिरवार और संतु अहिरवार शामिल हैं।
- संतु अहिरवार की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।
मृतक और घायलों को आर्थिक सहायता
कलेक्टर ने मृतक के परिवार को रेडक्रॉस सोसायटी से 20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। वहीं, घायलों को 5-5 हजार रुपये दिए गए।

विशेष जांच दल का गठन
कलेक्टर ने हादसे के कारणों, निर्माण की गुणवत्ता और निर्माण एजेंसी की भूमिका की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना नौगांव में निर्माण कार्यों की सुरक्षा और निगरानी में गंभीर खामियों को उजागर करती है और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करके जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर शिकंजा कस दिया है।