छतरपुर, 6 मई 2025
बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध धर्मगुरु पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सुंदरकांड महासम्मेलन के दौरान एक जोरदार भाषण दिया, जिसमें उन्होंने संस्कारों के ह्रास, लव जिहाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदू एकता जैसे मुद्दों पर चिंता जताई। जिलेभर से आए 100 से अधिक सुंदरकांड मंडलों के सामने उन्होंने कहा कि “हिंदू समाज को जाति-क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा, वरना हमारी पहचान खतरे में पड़ जाएगी।”

मुख्य बिंदु: पं. शास्त्री के विवादास्पद बयान
1. “लव जिहाद का मूल कारण संस्कारों की कमी”
- शास्त्री ने कहा, “हम अपनी बेटियों को अंग्रेजी पढ़ा रहे हैं, लेकिन संस्कार नहीं दे पा रहे। उन्हें इतना आत्मबल दो कि वे गलत विचारधारा में न फंसें।”
- उन्होंने हिंदू परिवारों से आग्रह किया कि वे “कट्टर संस्कार” दें ताकि युवा “दूसरे मजहब के चक्कर में न पड़ें।”
- चेतावनी देते हुए कहा, “अगर बेटियां भटक गईं, तो यह पूरे समाज के लिए दुर्भाग्य होगा।”
2. पहलगाम आतंकी हमले पर सख्त रुख
- शास्त्री ने पाकिस्तान पर हमला करने की मांग करते हुए कहा, “भारत सरकार कब तक ‘कड़ी निंदा’ करती रहेगी? हमें आतंकी ठिकानों को उनके घर में घुसकर नष्ट करना चाहिए।”
- उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों से विदेशी पर्यटक डरते हैं, जो भारत की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है।
3. “घुसपैठियों को अमेरिका की तरह डिपोर्ट करो”
- शास्त्री ने अवैध घुसपैठ पर चिंता जताते हुए कहा, “जब अपने नागरिकों के लिए संसाधन कम हैं, तो हम दूसरे देशों के लोगों का बोझ क्यों उठाएं?”
- उन्होंने अमेरिका की डिपोर्टेशन नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को भी फर्जी शरणार्थियों और अवैध प्रवासियों को सख्ती से हटाना चाहिए।
4. “कुछ मुसलमानों की साजिश: भारत को गाजी-ए-हिंद बनाना”
- शास्त्री ने आरोप लगाया कि “कुछ मुसलमानों की सोची-समझी साजिश है कि भारत को गाजी-ए-हिंद (इस्लामिक राष्ट्र) बनाया जाए।”
- उन्होंने कहा कि विदेशी फंडिंग से हिंदुओं के खिलाफ दंगे करवाए जाते हैं, ताकि हिंदू “डरकर भाग जाएं या मिट जाएं।”
- चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हिंदू जाति-पांत और क्षेत्रवाद में बंटा है, जबकि दुश्मन एकजुट है।”
5. “हिंदू राष्ट्र तभी बनेगा, जब घर-घर धीरेंद्र शास्त्री होगा”
- उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि “हर घर में धर्म और संस्कार की चेतना जगे, वरना एक धीरेंद्र शास्त्री कब तक लड़ता रहेगा?”
- उन्होंने कहा कि हिंदू एकता के बिना भारत की सुरक्षा और संस्कृति दोनों खतरे में हैं।

सुंदरकांड महासम्मेलन का महत्व
- छतरपुर के बागेश्वर धाम में 100 से अधिक सुंदरकांड मंडल एकत्रित हुए, जहां शास्त्री ने धार्मिक जागरूकता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर दिया।
- इस आयोजन का उद्देश्य हिंदू युवाओं को संस्कारित करना और सामाजिक एकता को मजबूत करना था।
प्रतिक्रियाएं और विवाद
- शास्त्री के बयानों को एक वर्ग द्वारा सराहना मिल रही है, जो हिंदू अस्मिता और सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
- वहीं, कुछ विश्लेषकों ने इसे साम्प्रदायिक भावनाएं भड़काने वाला बताया है।
- राजनीतिक दलों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

“हिंदू एकता ही राष्ट्र की सुरक्षा की गारंटी”
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भाषण हिंदू समाज के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने संस्कार, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर जोर देते हुए कहा कि “अगर हिंदू नहीं जागे, तो भविष्य अंधकारमय होगा।”
आगे की राह:
- हिंदू युवाओं को धार्मिक शिक्षा और आत्मरक्षा प्रशिक्षण देना।
- सरकार से घुसपैठ और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।
- समाज में जाति-क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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