पत्नी को पढ़ाकर बनाया सब-इंस्पेक्टर, नौकरी लगते ही पति से मांगा तलाक !

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भोपाल। राजधानी भोपाल के फैमिली कोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में बदलती सोच और सामाजिक मानसिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक पति ने पंडिताई कर मेहनत से पैसे जोड़कर अपनी पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और उसके पुलिस अफसर बनने के सपने को पूरा किया, लेकिन जैसे ही पत्नी सब-इंस्पेक्टर बनी, उसने पति से तलाक की अर्जी कोर्ट में दाखिल कर दी।

शादी के समय पुलिस में जाने का था सपना
जानकारी के अनुसार, शादी के समय महिला का सपना था कि वह पुलिस विभाग में भर्ती होकर अफसर बने। पति पेशे से पंडित है और पूजा-पाठ कर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसने पत्नी की इच्छा का सम्मान करते हुए अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा उसकी पढ़ाई, कोचिंग और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में खर्च किया। पति का कहना है कि उसने खुद कई जरूरतें त्याग कर पत्नी को आगे बढ़ने का अवसर दिया।

सब-इंस्पेक्टर बनते ही बदला व्यवहार
कई साल की मेहनत के बाद महिला का चयन पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद पर हो गया। पति के अनुसार, नौकरी लगते ही पत्नी का व्यवहार बदलने लगा। उसे पति का पहनावा और रहन-सहन खटकने लगा। पत्नी ने पति के सामने शर्त रखी कि वह अपना लुक बदले, धोती-कुर्ता पहनना छोड़े और सिर पर रखी चोटी (शिखा) कटवा ले।

पति के पेशे से शर्मिंदगी का आरोप
पत्नी ने कोर्ट में दिए बयान में कहा है कि पति का पंडिताई का काम और पारंपरिक पहनावा उसे समाज में शर्मिंदा करता है। उसका कहना है कि पति का लुक उसे पसंद नहीं है और वह उसके साथ खुद को सहज महसूस नहीं कर पाती। इसी आधार पर उसने तलाक की मांग की है।

पति ने आरोपों को किया खारिज
वहीं पति का कहना है कि वह अपने संस्कार, पहचान और धार्मिक आस्था से समझौता नहीं कर सकता। उसने पत्नी की पढ़ाई और करियर में पूरा सहयोग किया, लेकिन अब उसी वजह से उसे नीचा दिखाया जा रहा है। पति ने कोर्ट में कहा कि वह पत्नी के दबाव में आकर अपनी चोटी कटवाने या पेशा बदलने को तैयार नहीं है।

काउंसलिंग भी नहीं लाई समाधान
यह मामला वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायालय, भोपाल के फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। काउंसलरों के अनुसार पति-पत्नी के बीच सुलह कराने के लिए कई दौर की काउंसलिंग कराई गई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका। महिला अपने फैसले पर अड़ी हुई है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस रिश्ते को आगे नहीं निभाना चाहती।

कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
फिलहाल फैमिली कोर्ट इस पूरे मामले पर विचार कर रहा है। यह मामला न केवल पति-पत्नी के संबंधों का है, बल्कि समाज में पेशे, पहचान और आपसी सम्मान को लेकर चल रही सोच पर भी एक गहरी बहस छेड़ रहा है। अब सभी की निगाहें कोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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