कोतवाली थाना क्षेत्र के परकोटा इलाके में रविवार सुबह 11 बजे मुस्लिम समुदाय के दो पक्षों के बीच तलवारें, लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से जमकर मारपीट हो गई। घटना मक्का मस्जिद के पास रहने वाले दो परिवारों—बादशाह मिस्त्री और अख्तर अली—के बीच हुए पुराने विवाद के कारण अचानक भड़क उठी। दोनों तरफ से हुई मारपीट में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गौ तस्करी, अवैध शराब और जुआ सट्टा को लेकर विवाद
घायल बादशाह मिस्त्री ने आरोप लगाया कि अख्तर अली और उसके परिवार के सदस्य—शहादत अली, अनस अली, फैसल, अस्सू और समीर—क्षेत्र में गौ मास की अवैध बिक्री, जुआ-सट्टा और अवैध शराब का कारोबार करते हैं। इससे इलाके के लोग काफी परेशान हैं। इन गतिविधियों का विरोध करने पर बार-बार झगड़े की स्थिति बनती रहती है।

बादशाह का कहना है कि वह इनकी कथित अवैध हरकतों को उजागर करना चाहता था, इसलिए उसने अपने घर पर CCTV कैमरे लगवाए थे। इससे नाराज होकर शनिवार रात अख्तर अली और उसके परिवार ने उसके घर पर हमला किया और कैमरे तोड़ने का प्रयास किया।
अख्तर अली ने आरोपों को बताया गलत, कहा—विवाद नाली सफाई को लेकर
दूसरी ओर, अख्तर अली का कहना है कि लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और असल विवाद नाली सफाई को लेकर है। उसके अनुसार, कई दिनों से नाली साफ नहीं हो रही थी और इसको लेकर कहासुनी होती रहती थी। अख्तर का आरोप है कि बादशाह और उसके परिवार के लोग लगातार गाली-गलौज करते थे, जिससे तनाव बढ़ता गया।

रविवार को बढ़ा तनाव, तलवारों से हमला—महिलाएं और बच्चे भी घायल
शनिवार के विवाद के बाद रविवार सुबह अचानक स्थिति गंभीर हो गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दौरान तलवारें, लाठी-डंडे और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। मारपीट में बादशाह पक्ष की महिलाओं और बच्चों पर भी हमले किए गए।

घायल बादशाह पक्ष के नाम—
- जिरान
- फरान
- डाली (बहन)
- रिहान
- फैसल
वहीं अख्तर अली और उसके परिवार के लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों पक्षों के सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।

पुलिस मौके पर पहुंची, दोनों पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों से शिकायतें दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और घटना से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में दहशत, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
तलवारों के साथ हुई इस हिंसा ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है। पुलिस ने परकोटा इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी तरह की और अनहोनी रोकी जा सके।