सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर अक्टूबर माह को राष्ट्रीय सायबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक सागर रेंज के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना डॉ. संजीव उइके तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिंहा के मार्गदर्शन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसौरिया में सायबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डिजिटल युग की तेज रफ्तार दुनिया में यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए सचमुच ज्ञान की सुरक्षा ढाल जैसा साबित हुआ।

कार्यक्रम में थाना प्रभारी सानौधा निरीक्षक भरत सिंह ठाकुर, महिला आरक्षक सलोनी और आरक्षक प्रवीण ने विद्यार्थियों एवं स्टाफ को सायबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप, जोखिमों और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को बताया गया कि इंटरनेट की दुनिया जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही सतर्कता भी मांगती है।
उन्हें समझाया गया कि
• सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी के साथ कैसे करें
• ओटीपी, पासवर्ड और बैंक डिटेल किसी के भी साथ साझा करना क्यों जोखिमभरा है
• फर्जी कॉल, लिंक और ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड से बचने के तरीके
• आकर्षक ऑफर और स्कैम को पहचानने के संकेत
साथ ही यह भी बताया गया कि सायबर अपराध की शिकायत www.cybercrime.gov.in के माध्यम से या हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल दर्ज कराई जा सकती है। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था: सावधानी सबसे बड़ी सुरक्षा है। बच्चों को सायबर सतर्कता अपनाने के साथ-साथ परिवार और समाज में भी इस जागरूकता को फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अनेक प्रश्न भी पूछे, जिनका समाधान पुलिस टीम ने सरल भाषा और उदाहरणों के साथ किया। डिजिटल सुरक्षा का यह पाठ न सिर्फ जानकारी का आदान-प्रदान था, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार डिजिटल नागरिकों को तैयार करने का प्रयास भी।
हेडलाइन विकल्प:
- परसौरिया स्कूल में सायबर जागरूकता अभियान, छात्रों को सिखाई डिजिटल सुरक्षा
- सागर में सायबर जागरूकता माह: विद्यालय में पुलिस का जानकारी सत्र
- बच्चों को दिया साइबर सुरक्षा का मंत्र, सोशल मीडिया सतर्कता पर जोर
- सानौधा पुलिस की पहल: छात्रों को बताया सायबर क्राइम से बचने का तरीका
- इंटरनेट सुरक्षित उपयोग पर कार्यशाला, हेल्पलाइन 1930 और पोर्टल की जानकारी