शासकीय हाई स्कूल पिपरिया चमारी के विद्यार्थियों ने प्राकृति मित्र इको क्लब के अंतर्गत प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आपचंद गुफा का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह नेचर कैंप प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें कक्षा छठवीं से दसवीं तक के कुल 68 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
नेचर कैंप के दौरान विद्यार्थियों को जंगली जानवरों के प्रतीक नामों पर आधारित पांच समूहों में विभाजित किया गया। इस गतिविधि का उद्देश्य टीमवर्क की भावना विकसित करना और बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना रहा। भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने जंगल का प्रत्यक्ष अनुभव किया और वहां पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के वृक्षों, पौधों एवं प्राकृतिक संसाधनों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण का प्रमुख आकर्षण ऐतिहासिक धरोहर आपचंद गुफा रही, जो गधेरी नदी के किनारे स्थित है। विद्यार्थियों ने यहां लगभग 10 से 12 वर्ष पुराने शैलचित्रों को देखा और बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में जाना। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को इन शैलचित्रों के ऐतिहासिक महत्व और संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा करने, पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लिया। इसके साथ ही गुफा परिसर और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिससे बच्चों में स्वच्छता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई।
नेचर कैंप के दौरान शिक्षक सुनील रावत, स्मिता चौहान, नीता वर्मा, अभय पांडे, विकास रजक एवं अर्जित जैन विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे और उन्होंने पूरे भ्रमण में मार्गदर्शन प्रदान किया।
विद्यालय प्रबंधन ने इस शैक्षणिक भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। बच्चों ने भी इस अनुभव को रोमांचक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रकृति और इतिहास को नजदीक से समझने का अवसर मिलता है।