धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सिग्नेट पाइप कंपनी में गुरुवार रात करीब ढाई बजे भीषण आग लग गई, जिसे नियंत्रित करने में फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमों को 9 घंटे तक जद्दोजहद करनी पड़ी। आग इतनी तेज थी कि कंपनी में खड़ी दो क्रेनें भी जलकर खाक हो गईं। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान का आकलन अभी नहीं हो पाया है।

आग लगने का कारण अभी अज्ञात
एसडीएम प्रमोद कुमार गुर्जर ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है। कंपनी प्लास्टिक पाइप बनाने का कार्य करती है और वहां मौजूद कच्चा माल (प्लास्टिक रेजिन और केमिकल्स) आग को तेजी से फैलाने का कारण बना। लपटें इतनी भयावह थीं कि आसपास की फैक्ट्रियों को बचाने के लिए जेसीबी मशीनों से मिट्टी-रेत की दीवार खड़ी करनी पड़ी।

1000 लीटर फोम, 25 डंपर रेत और 12 फायर टेंडरों का सहारा
आग बुझाने के लिए 70 फायर फाइटर्स, एसडीआरएफ टीम और नगर पालिका के 150 से अधिक कर्मचारियों ने मिलकर काम किया। एसडीआरएफ प्लाटून कमांडर अश्विन चौधरी के अनुसार, आग पर काबू पाने में 1000 लीटर फोम, 25 डंपर रेत और 12 फायर टेंडरों के पानी का इस्तेमाल किया गया। अंततः सुबह साढ़े 11 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

पिछले साल भी लग चुकी है आग
यह पहली बार नहीं है जब इस फैक्ट्री में आग लगी है। 11 जून 2024 को भी यहां भीषण आग लगी थी, जिसे 11 घंटे की लगातार कोशिशों के बाद नियंत्रित किया गया था। उस समय भी 20 से अधिक फायर टेंडर और 25 डंपर रेत का उपयोग करना पड़ा था। तब कंपनी की बाउंड्रीवॉल तोड़कर अंदर से आग बुझाई गई थी।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता, जांच जारी
हादसे के बाद प्रशासन ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है। आग लगने का सही कारण और सुरक्षा उपायों में कोताही की जांच की जा रही है। कंपनी प्रबंधन से भी जवाब-तलब किया जा सकता है।

यह घटना औद्योगिक सुरक्षा उपायों की कमी की ओर इशारा करती है। पिछले एक साल में दूसरी बार आग लगना गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासन को फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी नियमों की सख्त पालना सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
व्यूरो रिपोर्ट: रिपब्लिक सागर मीडिया
संवाददाता – अर्पित सेन
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