पीथमपुर: औद्योगिक क्षेत्र से लगी सुलवड़ ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने आज अपने गांव के एकमात्र जलस्रोत को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शंकर सोया और सेफ्लेक्स कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि सुलवड़ के अंतर्गत आने वाली शंकर सोया कंपनी अपने कारखाने का हानिकारक और प्रदूषित पानी सीधे गांव के तालाब में छोड़ रही है। इससे न केवल जनस्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न हो रहा है, बल्कि पशुधन और पर्यावरण भी प्रभावित हो रहे हैं।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने सेफ्लेक्स कंपनी पर ग्राम की मुख्य सड़क पर अवैध अतिक्रमण करने का आरोप लगाया, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि एमपीआईडीसी द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में बनाई जा रही नाली के निर्माण को सेफ्लेक्स कंपनी अवरुद्ध कर रही है।

सरपंच का आरोप
सुलवाड़ के सरपंच पति भारत रघुवंशी ने कहा कि कंपनी सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत कर नाली का पानी सीधे तालाब में डालने की कोशिश कर रही है, जबकि पूरे औद्योगिक क्षेत्र का पानी नाली के माध्यम से सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना चाहिए। सरपंच ने बताया कि ग्रामीणों ने पहले भी प्रदूषण विभाग और स्थानीय प्रशासन सहित कई जगह शिकायतें की हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों पर प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों के साथ मिलीभगत का भी आरोप लगाया।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और पुलिस की भूमिका
सामाजिक कार्यकर्ता संदीप रघुवंशी ने बताया कि ग्रामीणों ने कई बार पत्र के माध्यम से इन कंपनियों की शिकायत की है। आज के प्रदर्शन की सूचना पर नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर, थाना प्रभारी सुनील शर्मा और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों के विरोध के बाद सेफ्लेक्स कंपनी पुलिस प्रशासन की देखरेख में अपनी पार्किंग का अवैध अतिक्रमण हटाने लगी।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे अपने जल स्रोत और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवाज उठाते रहेंगे और कंपनियों को नियमों का पालन करने के लिए बाध्य करेंगे। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई और औद्योगिक प्रदूषण को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।