पुलिस आरक्षक पर पत्नी ने लगाए अवैध संबंधों और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप, जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार !

Spread the love

सागर, 3 जून 2025
सागर जिले में एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला ने अपने पति पर अवैध संबंधों, परिवार की उपेक्षा और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता रश्मि शर्मा, जो तीन बच्चों की माँ हैं, ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान अपने पति प्रदीप शर्मा के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई।

रश्मि शर्मा ने प्रशासन को बताया कि उनका विवाह वर्ष 2007 में प्रदीप शर्मा से हुआ था, जो वर्तमान में मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदीप का पन्ना निवासी एक महिला, रुचि सिंह, से अवैध संबंध है और पिछले चार महीनों से वह उसी महिला के साथ रह रहे हैं। इस दौरान उन्होंने न तो परिवार की कोई जिम्मेदारी निभाई है और न ही बच्चों की सुध ली है।

“दो पत्नियों के साथ रहूंगा”: पति का दावा

रश्मि का कहना है कि प्रदीप ने साफ तौर पर उन्हें कहा कि उन्होंने रुचि से विवाह कर लिया है और अब वह दोनों पत्नियों के साथ रहेंगे। इस कथित विवाह की कोई वैधानिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन यदि ऐसा हुआ है तो यह स्पष्ट रूप से भारतीय दंड संहिता की धारा 494 (पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करना – द्वैविवाह) के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।

रुचि सिंह द्वारा धमकियाँ, झूठे केस की चेतावनी

रश्मि ने आरोप लगाया कि रुचि सिंह उन्हें लगातार धमका रही है। रुचि ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि रश्मि उनके और प्रदीप के बीच आईं, तो वह उन्हें और उनके पति को झूठे बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे मामलों में फँसवा देंगी। इतना ही नहीं, रुचि ने आत्महत्या की धमकी भी दी है जिससे रश्मि और उनका परिवार मानसिक रूप से भयभीत है।

मानसिक प्रताड़ना से टूट रहा है परिवार

जनसुनवाई में रश्मि ने बताया कि उनके पति का यह व्यवहार न केवल उनके लिए, बल्कि उनके तीनों बच्चों के लिए भी गंभीर मानसिक प्रताड़ना का कारण बन चुका है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि इस मामले में जल्द से जल्द जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें और उनके बच्चों को न्याय मिल सके और उनका जीवन सामान्य हो सके।

प्रशासन के सामने चुनौती

यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि कानूनी और नैतिक मर्यादाओं का उल्लंघन भी है। एक पुलिस कर्मचारी होने के नाते प्रदीप शर्मा से समाज को एक आदर्श की अपेक्षा होती है, लेकिन यदि लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह वर्दी की गरिमा पर सीधा आघात है।

अब देखना यह होगा कि सागर प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करता है और रश्मि शर्मा को न्याय दिलाने में कितना सफल होता है।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *