मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के महिदपुर में पूर्व भाजपा विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष बहादुर सिंह चौहान की सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना में कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसके विरोध में कांग्रेस ने शनिवार को उज्जैन एसपी ऑफिस का घेराव करने का ऐलान किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि एफआईआर से कांग्रेस नेताओं के नाम नहीं हटाए गए तो उग्र आंदोलन होगा।

घटना का पूरा विवरण
शुक्रवार को महिदपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और सांसद अनिल फिरोजिया की मौजूदगी में बहादुर सिंह चौहान की पिटाई का वीडियो सामने आया।
मंच से उतरते ही बहादुर सिंह पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। वीडियो में दिखा कि कुछ लोग धक्का-मुक्की करते और पिटाई करते नजर आए। मौके पर मंत्री और सांसद ने हस्तक्षेप कर बीच-बचाव किया।
एफआईआर दर्ज: कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप
इस घटना के बाद महिदपुर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित कुल 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर में शामिल नाम:
- रणछोड़ राधेश्याम त्रिवेदी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य
- नागूलाल रामलाल मालवीय, सरपंच, ग्राम पंचायत झारड़ा
- गजराज सिंह हाकम सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, महिदपुर
- कमल सिंह भेरू सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष, झारड़ा
- भरत बद्रीलाल शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, महिदपुर रोड
- ईश्वर सिंह लोटिया
- ईश्वर सिंह धुमा

कांग्रेस का पक्ष और आरोप
तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि भाजपा के मंच पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति का कोई तर्क नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर पुलिस ने कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को झूठा फंसाया है।
महेश परमार का कहना है कि एफआईआर में जिन कार्यकर्ताओं के नाम दर्ज हैं, वे घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे।
जीतू पटवारी का अल्टीमेटम
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा:
- पुलिस की कार्रवाई राजनीतिक दबाव में: पुलिस ने सत्ता के दबाव में आकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया है।
- अल्टीमेटम: उन्होंने 24 घंटे का समय देते हुए कहा कि यदि एफआईआर से नाम नहीं हटाए गए और टीआई को सस्पेंड नहीं किया गया, तो कांग्रेस उग्र प्रदर्शन करेगी।
- भाजपा पर निशाना: पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सत्ता के मद में विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा का पक्ष
भाजपा ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की।
भाजपा का दावा है कि पिटाई की घटना में शामिल लोग कांग्रेस से जुड़े हैं, और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई उचित है।
घटनाक्रम का राजनीतिक महत्व
यह घटना विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल को गर्मा रही है।
महिदपुर की घटना न केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गई है, बल्कि कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर रही है।
आगे की जांच और घटनास्थल से जुड़े सबूत जैसे वीडियो फुटेज इस विवाद को सुलझाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ते तनाव के बीच, प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का दबाव रहेगा।