सागर गौरव दिवस के कार्यक्रम का आयोजन
सोमवार, 23 दिसंबर 2024 को सागर में सागर गौरव दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, और कई अन्य प्रमुख नेता और अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के लाखा बंजारा झील के पुनर्विकास का उद्घाटन किया। इसके अलावा, सागर सिटी गवर्नेंस नगर पालिका निगम कार्यालय और दो जोनल सेंटर का भी लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री ने सागर में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सागर में कैंसर अस्पताल की स्थापना, राजकीय विश्वविद्यालय में विधि संकाय की शुरुआत, और देवरी विधानसभा क्षेत्र की गौरझामर ग्राम पंचायत को नगर परिषद में परिवर्तित करने की घोषणाएं प्रमुख थीं। इन घोषणाओं से सागर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
भूपेंद्र सिंह का मंच पर विरोध और नाराजगी
इस कार्यक्रम के दौरान, भूपेंद्र सिंह, जो कि खुरई से विधायक और पूर्व मंत्री हैं, ने मंच पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। सबसे पहले, उन्होंने मंच पर आयोजित स्वागत समारोह से इंकार किया। जब नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री ने भूपेंद्र सिंह को गुलदस्ता देकर उनका स्वागत करने का प्रयास किया, तो भूपेंद्र सिंह ने दो बार इसे अस्वीकार कर दिया और अधिकारी को आगे बढ़ने का इशारा किया। बाद में, भूपेंद्र सिंह ने गुलदस्ता लेकर सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास जाकर उन्हें स्वागत किया। इस घटना ने इस कार्यक्रम को विवादित बना दिया।

भूपेंद्र सिंह ने इस अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का नाम तक नहीं लिया, जो आयोजन में शामिल थे। उन्होंने कहा कि बैनर और पोस्टरों में उनका फोटो नहीं था, लेकिन “दिलों में जगह होना चाहिए”। यह टिप्पणी एक स्पष्ट संकेत था कि भूपेंद्र सिंह को कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा उपेक्षित किया गया था। कार्यक्रम के पोस्टरों में उनके फोटो और नाम की अनुपस्थिति को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जताई, हालांकि बाद में रात के समय नए पोस्टर लगाए गए जिनमें उनका फोटो शामिल किया गया था।

राजनीतिक संदेश और कांग्रेस पर निशाना
भूपेंद्र सिंह ने अपने भाषण में सागर क्षेत्र के विकास को लेकर कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 50 वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन सागर में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। इसके साथ ही, उन्होंने दावा किया कि सागर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुई थी, न कि कांग्रेस सरकार के समय। उनके इस बयान से यह स्पष्ट था कि वे कांग्रेस की नीतियों और कार्यप्रणाली से नाराज थे और भाजपा के शासनकाल में किए गए कार्यों की सराहना कर रहे थे।

कार्यक्रम का समापन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
सागर गौरव दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। यह कार्यक्रम सागर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सागर के विकास की दिशा में कई और योजनाओं की घोषणा की, जिससे सागर के नागरिकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।

सागर गौरव दिवस का आयोजन एक सफल कार्यक्रम था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का ऐलान किया। हालांकि, भूपेंद्र सिंह का मंच पर विरोध और नाराजगी ने कार्यक्रम को विवादित बना दिया। उनके द्वारा मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का नाम न लेने और बैनर-पोस्टरों में अपनी फोटो की अनुपस्थिति को लेकर की गई टिप्पणियां राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। यह घटनाएं राजनीतिक तनाव और असहमति को दर्शाती हैं, जो राज्य के नेतृत्व और उनके सहयोगियों के बीच व्याप्त हैं।
भूपेंद्र सिंह का यह कदम एक सशक्त राजनीतिक बयान था, जिसने प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी प्रतिस्पर्धा को और भी स्पष्ट किया।