रायसेन जिले में हाल ही में हुए पुल हादसे के बाद मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग (PWD) अब पूरे प्रदेश में पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गया है। विधानसभा सत्र के दौरान हुई इस घटना ने सरकार से लेकर विभागीय अफसरों तक को चौकन्ना कर दिया, जिसके बाद पुलों की सुरक्षा और जांच को लेकर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

PWD ने पहली बार बड़े पैमाने पर तात्कालिक मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों की सूची जारी की है। विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित कुल 45 पुलों के सुधार कार्यों के लिए करोड़ों रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। यह मंजूरी उस दबाव का परिणाम मानी जा रही है, जो रायसेन में पुल ध्वस्त होने के बाद जनप्रतिनिधियों और आम जनता द्वारा सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर उठाए गए सवालों के बाद बढ़ा था।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 03 नवंबर 2025 को आयोजित राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की 295वीं बैठक में पुलों की मरम्मत को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में यह तय किया गया कि विभिन्न जिलों से आई तात्कालिक मरम्मत की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा। इसी क्रम में सभी प्रभावित और कमजोर संरचनाओं की पहचान कर तत्काल सुधार तथा पुनर्निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।
PWD अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रदेश में आवाजाही को सुरक्षित बनाना, किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और सार्वजनिक जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विभाग ने सभी जिलों के लिए संबंधित तकनीकी टीमों को स्थिति का त्वरित मूल्यांकन कर तेजी से काम शुरू करने के निर्देश भी दे दिए हैं।
प्रदेश में बढ़ते बुनियादी ढांचे के दबाव को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनता को उम्मीद है कि इस निर्णय से भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी और पुलों की सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत होगा।