भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में बजट 2025 पेश किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जैसे कि आयकर में राहत, निवेश को बढ़ावा देना, किसानों के लिए योजनाएं और अन्य क्षेत्रीय विकास के उपाय। इस बजट के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के जरिए बजट की तारीफ की और इसे “आम आदमी का बजट” बताया, जो न केवल देश के नागरिकों की जेब भरेगा, बल्कि विकास और विरासत के मंत्र को भी आगे बढ़ाएगा। पीएम ने इस बजट को “विकसित भारत” के निर्माण के लिए अहम कदम बताया और इसकी सराहना की।

बजट 2025 के मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री मोदी ने बजट 2025 के सात प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख करते हुए इसे एक “सम्पूर्ण बजट” बताया जो देश की अर्थव्यवस्था के हर पहलू को सुधारने का काम करेगा:
- शिप निर्माण उद्योग को बढ़ावा:
बजट में शिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाएंगे। यह क्षेत्र भारत में सर्वाधिक रोजगार प्रदान करने वाला है और इससे समुद्री व्यापार और नौकरी के अवसर दोनों बढ़ेंगे। - पर्यटन क्षेत्र को बल मिलेगा:
बजट में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए भी योजनाएं बनाई गई हैं। भारत में पर्यटन का जबरदस्त विकास होने की संभावनाएं हैं, और इस बजट से इसे और अधिक मजबूती मिलेगी। - युवाओं के लिए नए अवसर:
यह बजट विशेष रूप से युवाओं के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा। इसके तहत युवाओं के लिए कई सेक्टरों में अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे भारत के विकास के मिशन को भी आगे बढ़ाया जाएगा। - किसानों के लिए घोषणाएं:
कृषि क्षेत्र में किसानों को सिंचाई और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए विशेष योजनाओं का लाभ मिलेगा। इस बजट में 100 जिलों में सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। - आयकर में राहत:
बजट में 12 लाख तक की आय पर टैक्स फ्री करने की घोषणा की गई है, जो मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत का काम करेगा। - मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस:
एमएसएमई (MSME) और छोटे उद्योगों को विशेष मदद दी जाएगी। इसके साथ ही लेदर, फुटवियर, और टॉय इंडस्ट्री को प्रोत्साहित किया जाएगा। - ज्ञान भारत मिशन:
बजट में “ज्ञान भारत मिशन” की शुरुआत की गई है, जिसमें 1 करोड़ पांडुलिपियों का संरक्षण किया जाएगा। इससे भारत की संस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। - निजी क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा:
बजट में निजी क्षेत्र को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे सिविल न्यूक्लियर एनर्जी का योगदान बढ़ेगा और देश को ऊर्जा संकट से निजात मिलेगी।

विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने बजट पर निराशाजनक प्रतिक्रियाएं दी हैं।
- अरविंद केजरीवाल (AAP) ने कहा कि बजट में अरबपतियों के कर्ज माफी की आलोचना की और मांग की कि इस पैसे का इस्तेमाल मिडल क्लास के होम लोन और व्हीकल लोन में छूट देने, किसानों के कर्ज माफ करने और टैक्स दरें घटाने के लिए किया जाए।
- अखिलेश यादव (SP) ने कहा कि सरकार बजट में महाकुंभ में हुई भगदड़ और उस दौरान हुई हत्याओं और घायलों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों के खेल तक सीमित है और विकसित भारत की परिभाषा को झूठा बताया।
- किरण कुमार चामला (Congress) ने बजट में बिहार को अत्यधिक महत्व दिए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि तेलंगाना जैसे राज्यों को नजरअंदाज किया गया है।
- दयानिधि मारन (DMK) ने बजट को भ्रामक बताते हुए कहा कि यह राजनीतिक एजेंडा पर आधारित है और दक्षिण भारत को इससे कोई लाभ नहीं मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बजट को आम आदमी के लिए फायदेमंद और विकासात्मक बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक और समस्याओं से दूर बताया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट भारत के विकसित भारत के मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसकी सफलता और वास्तविक प्रभाव का आकलन आने वाले महीनों में किया जाएगा।