
जन औषधि केन्द्रों को प्रभावी एवं आकर्षक बनाने के दिए निर्देश
सागर, 12 जून 2025
प्रदेश शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने सागर संभाग में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के गठन की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस संबंध में स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति अत्यंत निराशाजनक और गैर-जिम्मेदाराना है। सहकारिता विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यानुसार 23 जून 2025 तक सागर संभाग में कुल 128 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का गठन किया जाना था, किंतु अब तक इस दिशा में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हो पाई है।इस उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त श्री वर्णवाल ने संबंधित जवाबदेह अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से कार्य प्रभावित हुआ है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं तथा उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
सागर संभागीय मुख्यालय में आयोजित कृषि आदान एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान श्री वर्णवाल ने जिलेवार समीक्षा करते हुए सभी सहकारी समितियों का ऑडिट शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सागर और पन्ना जिलों की सहकारी समितियों के ऑडिट की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन जिलों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान श्री वर्णवाल ने सहकारिता विभाग द्वारा संचालित जन औषधि केन्द्रों की दशा और दिशा पर भी चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि इन केन्द्रों को और अधिक आकर्षक एवं जनोपयोगी बनाया जाए ताकि आमजन को गुणवत्तायुक्त दवाएं सुलभ दरों पर प्राप्त हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन औषधि केन्द्रों की सार्थकता तभी है जब वे जरूरतमंदों के लिए सहज और सुलभ हों।
समीक्षा बैठक में मण्डी बोर्ड के कार्यों की भी जिलेवार समीक्षा की गई। इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिए कि किसानों को मण्डियों में उपज विक्रय के पश्चात समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि किसान को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही। इसमें विशेष रूप से अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री अनुपम राजन, प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री आलोक सिंह, संचालक कृषि विभाग श्री अजय गुप्ता, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव श्री एम. सेलवेन्द्रन, सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्रीमती प्रीति मैथिल, सागर संभाग के संभागायुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत सहित सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ और कृषि, उद्यानिकी तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशा कृषि क्षेत्र को सशक्त, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने की है। इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे समयबद्ध और समर्पित भाव से कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच सके।