दो शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस, जिला पंचायत सीईओ की सख्त कार्रवाई
छतरपुर। जिले में शैक्षणिक व्यवस्थाओं को सुधारने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने ग्राम पंचायत पठापुर अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला नारायणपुरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला में गंभीर लापरवाही सामने आने पर सीईओ ने एक शिक्षक को निलंबित करने और दो शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
तंबाकू खाते मिले शाला प्रभारी
प्राथमिक शाला नारायणपुरा में पदस्थ कुल पांच शिक्षकों में से निरीक्षण के समय दो शिक्षक अवकाश पर पाए गए। वहीं शाला प्रभारी मोहनलाल मिश्रा अपनी टेबल पर तंबाकू और चूने की डिब्बी रखकर तंबाकू खाते हुए मिले। यह कृत्य न केवल अनुशासनहीनता की श्रेणी में आया, बल्कि शैक्षणिक वातावरण के लिए भी अनुचित पाया गया।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि शाला प्रभारी द्वारा पढ़ाए जा रहे हिंदी विषय में विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर बेहद कमजोर है। बच्चों से पूछे गए सवालों के संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सके। इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत सीईओ ने जिला शिक्षा अधिकारी को शाला प्रभारी मोहनलाल मिश्रा को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।
दो शिक्षिकाएं बिना सूचना के रहीं अनुपस्थित

इसी प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिकाएं वंदना गुप्ता और संजू चौरसिया बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। इस लापरवाही पर सीईओ ने दोनों शिक्षिकाओं को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं और स्पष्टीकरण मांगा गया है।
माध्यमिक शाला में व्यवस्था संतोषजनक
निरीक्षण के दौरान माध्यमिक शाला नारायणपुरा में सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए। कक्षाओं की व्यवस्था और शिक्षण कार्य को देखकर जिला पंचायत सीईओ ने संतोष व्यक्त किया और शिक्षकों की सराहना भी की।
शैक्षणिक वातावरण सुधारने के दिए निर्देश

सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने शाला प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों के लिए सीखने-सिखाने का माहौल बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कक्षा कक्षों और विद्यालय की दीवारों पर महापुरुषों की तस्वीरें, देश-प्रदेश के नक्शे लगाने तथा आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना प्राथमिक जिम्मेदारी है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: सीईओ
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।