मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में चर्चित रेप केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष इमरान हुसैन उर्फ सुपर ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वह पिछले ढाई महीने से फरार चल रहा था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। आरोपी के सरेंडर के बाद कोर्ट ने उसे 28 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद किया सरेंडर
जानकारी के मुताबिक, इमरान हुसैन हाईकोर्ट के आदेश के साथ रतलाम कोर्ट पहुंचा था। उसके पास अग्रिम जमानत याचिका निरस्ती से जुड़े दस्तावेज भी थे। कोर्ट में आत्मसमर्पण की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने कब्जे में लेकर रिमांड की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्य जुटाने के लिए उसे 28 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
‘सोनू’ बनकर की थी पहचान
पीड़ित 30 वर्षीय हिंदू युवती ने 29 दिसंबर 2025 को औद्योगिक क्षेत्र थाने में मामला दर्ज कराया था। अपनी शिकायत में उसने बताया कि 2020 में उसकी मुलाकात आरोपी से राम मंदिर के पास हुई थी, जहां उसने खुद को ‘सोनू’ नाम का हिंदू युवक बताया था।
युवती के अनुसार, शादी के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा और जून 2023 से बातचीत फिर शुरू हुई। आरोपी ने युवती पर अपने पति को छोड़ने का दबाव बनाया। इसके बाद जुलाई 2023 में युवती ने पति से अलग होकर अपने मायके में रहना शुरू कर दिया।

साथ रहने के बाद किया शादी से इनकार
पीड़िता ने बताया कि सितंबर 2023 से वह आरोपी के साथ नयागांव क्षेत्र में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगी थी। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि तलाक के बाद वह उससे शादी करेगा।
हालांकि, बाद में मोबाइल से आरोपी की असली पहचान सामने आई कि उसका नाम इमरान है। जब युवती ने तलाक के बाद शादी की बात कही, तो आरोपी ने इनकार कर दिया। युवती का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए और उसे धोखे में रखा।
पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया है कि इमरान हुसैन का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। नवंबर 2025 में उसे और उसके साथी कयामुद्दीन को स्टेशन रोड थाना पुलिस ने 3.71 ग्राम एमडी ड्रग के साथ पकड़ा था। उस मामले में वह जेल भी गया था और बाद में जमानत पर बाहर आ गया था।
इनाम घोषित, फिर बढ़ाई गई राशि
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने 5 जनवरी को आरोपी पर 2 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर 10 मार्च को इनाम राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई थी। इसके बावजूद आरोपी फरार था।
हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर मामला तूल पकड़ने लगा था। करीब 6 दिन पहले हिंदू संगठनों ने औद्योगिक क्षेत्र थाने का घेराव किया था। प्रदर्शनकारियों ने थाना परिसर में बैठकर विरोध जताया और पुलिस को 7 दिन के भीतर आरोपी को पकड़ने का अल्टीमेटम दिया था।
इस विरोध के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि गिरफ्तारी से पहले ही आरोपी ने खुद कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
पुलिस करेगी पूछताछ
अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूरे मामले में गहन पूछताछ करेगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपी इतने दिनों तक कहां छिपा रहा और क्या किसी ने उसकी मदद की थी।
सामाजिक और कानूनी पहलू
यह मामला न केवल आपराधिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी संवेदनशील बन गया है। पहचान छिपाकर संबंध बनाना और शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
रतलाम का यह मामला विश्वासघात, धोखे और कानून से बचने की कोशिश का उदाहरण बनकर सामने आया है। अब पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया से ही यह तय होगा कि आरोपी को क्या सजा मिलती है। फिलहाल, सरेंडर के बाद इस केस में आगे की कार्रवाई तेज हो गई है।