सागर, 18 अप्रैल 2025
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में एक महिला मरीज की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुरुवार को बरा चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर परिजनों को शांत किया और मामले की जांच का आश्वासन दिया।

घटनाक्रम:
- पहली बार अस्पताल ले जाने पर इलाज हुआ:
- फरियादी हरदेव आदिवासी (निवासी जगथर) ने बताया कि 15 अप्रैल को उनकी 60 वर्षीय मां देवकाबाई को उल्टियां हो रही थीं, जिसके बाद उन्हें अरिहंत हॉस्पिटल ले जाया गया।
- इलाज के बाद उन्हें घर लाया गया, लेकिन 16 अप्रैल को उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई।
- दूसरी बार भर्ती करने पर स्थिति गंभीर हुई:
- मरीज को दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 4 घंटे तक इलाज चला।
- डॉक्टरों ने उन्हें सागर रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उन्हें सीधे बंडा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
- परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया:
- परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने समय पर उचित इलाज नहीं दिया, जिससे मरीज की मौत हुई।
- उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिजनों का विरोध और पुलिस की कार्रवाई:
- गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर बरा चौराहे पर पहुंचे और सड़क जाम कर दी।
- एसडीओपी शिखा सोनी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया और जांच का आश्वासन दिया।
- करीब 2 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा, जिसके बाद विरोध समाप्त हुआ।
अगले कदम:
- पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।
- मेडिकल नेग्लिजेंस के आरोपों की जाँच की जा रही है।
- अस्पताल प्रशासन से जवाब तलब किया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की समस्या को उजागर किया है। परिजनों ने न्याय की मांग की है, जबकि प्रशासन ने गंभीरता से जांच का वादा किया है। मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
ब्यूरो रिपोर्ट, रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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