सागर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की दिशा में केंद्रीय बजट 2026 एक सशक्त और दूरदर्शी कदम है। यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उक्त विचार केंद्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बजट 2026 के संबंध में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री उइके ने कहा कि वर्ष 2014 के पूर्व प्रस्तुत किए जाने वाले बजटों में न तो राष्ट्रीय चेतना का भाव दिखाई देता था और न ही समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को लेकर कोई ठोस चिंतन होता था। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा जैसे विषयों पर केंद्रित अर्थनीतियों का अभाव था। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब प्रस्तुत होने वाले बजट जनहित को केंद्र में रखकर तैयार किए जाते हैं, जिनमें समग्र विकास की स्पष्ट झलक मिलती है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय बजट का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा नगरीय विकास पर खर्च होता था, जिसके कारण ग्रामीण विकास की गति काफी धीमी रही। देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संवेदनशील शासन की शुरुआत हुई, जिसमें शहरों के साथ-साथ गांवों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप ग्रामीण भारत के विकास की एक नई इबारत लिखी गई है।
श्री उइके ने बजट 2026 की संरचना की सराहना करते हुए कहा कि इसमें गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे, सामाजिक कल्याण, रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता से जुड़े विविध प्रावधान किए गए हैं।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अनेक देशों में आर्थिक अस्थिरता के बावजूद भारत की विकास दर को स्थिर बनाए रखना बजट 2026 की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस बजट में कृषि, ग्रामीण विकास और आजीविका मिशन पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

श्री पटेल ने जानकारी दी कि 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत मध्यप्रदेश में ग्रामीण विकास के लिए 41 प्रतिशत बजट का प्रावधान किया गया है। पिछले वर्ष जहां यह राशि 4394 करोड़ रुपये थी, वहीं इस वर्ष बढ़कर 6172 करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि बेहतर और प्रभावी कार्य किया गया तो आने वाले वर्षों में यह राशि 8000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस बजट का उपयोग अधोसंरचना विकास के साथ-साथ जल संसाधन, पेयजल, स्वच्छता एवं वाटर रीसोर्सिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरासिंह राजपूत, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, पूर्व जिला अध्यक्ष श्री हरिराम सिंह ठाकुर तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवेंद्र ठाकुर मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला सह मीडिया प्रभारी श्री आलोक केसरवानी ने किया।
पत्रकार वार्ता के माध्यम से नेताओं ने एक स्वर में कहा कि बजट 2026 न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि भविष्य के विकसित भारत की मजबूत नींव भी रखता है।