बढ़ती उम्र और बदलती तकनीक पर अमिताभ का बेबाक बयान !

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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर अपने विचारों और अनुभवों से लोगों का ध्यान खींचा है। अपने हालिया ब्लॉग पोस्ट में बिग बी ने तेजी से बदलती तकनीक, सीखने की चुनौतियों और बढ़ती उम्र के प्रभावों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इस बात का अफसोस रहता है कि कई जरूरी चीजें समय रहते नहीं सीख पाए, खासकर वे चीजें जो उनके दौर में मौजूद ही नहीं थीं।

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा,
“हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि जो सीखना जरूरी था, वह सालों पहले सीख लिया जाना चाहिए था।”
उन्होंने कहा कि आज के समय में आविष्कारों और नई प्रणालियों की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि जब तक कोई किसी चीज को सीखना शुरू करता है, तब तक तकनीक और आगे बढ़ चुकी होती है। उम्र के साथ सीखने की इच्छा तो बनी रहती है, लेकिन ऊर्जा, एकाग्रता और प्रयास की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।

अनुभव से मिली सीख: सब कुछ खुद करना जरूरी नहीं

बिग बी ने हालिया मीटिंग्स और प्रोफेशनल अनुभवों का जिक्र करते हुए बताया कि किसी भी काम की बुनियादी समझ होना जरूरी है, लेकिन हर काम में एक्सपर्ट होना आवश्यक नहीं। उन्होंने लिखा कि अगर किसी क्षेत्र में पूरी दक्षता नहीं है, तो उसे स्वीकार करना चाहिए और उस काम को युवा, योग्य और विशेषज्ञ लोगों को सौंप देना चाहिए।

उनके अनुसार,
“अगर आप किसी काम को लेकर पूरी तरह योग्य नहीं भी हैं, तो इसमें कोई समस्या नहीं है। उसे स्वीकार करें, विशेषज्ञों को हायर करें और काम पूरा करवाएं।”

उन्होंने पुराने और नए दौर की तुलना करते हुए कहा कि पहले अगर किसी को कोई काम नहीं आता था, तो या तो वह काम अधूरा रह जाता था या फिर जीवनभर पछतावा बना रहता था। लेकिन आज के समय में आउटसोर्सिंग और विशेषज्ञ सेवाओं के जरिए काम को आसानी से पूरा किया जा सकता है, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।

बढ़ती उम्र और शारीरिक चुनौतियां

यह पहली बार नहीं है जब अमिताभ बच्चन ने उम्र से जुड़ी चुनौतियों पर बात की हो। बीते साल भी उन्होंने अपने ब्लॉग में बढ़ती उम्र के असर को बेहद ईमानदारी से साझा किया था। उन्होंने बताया था कि अब साधारण से काम करने में भी पहले से ज्यादा प्रयास करना पड़ता है।

उन्होंने लिखा था कि पहले उन्हें लगता था कि पुरानी आदतें और रूटीन आसानी से दोबारा शुरू किए जा सकते हैं, लेकिन अब समझ आया कि एक दिन का भी ब्रेक लंबे समय तक असर डाल सकता है।
“बस एक दिन का गैप और दर्द और मोबिलिटी बहुत लंबी सैर पर निकल जाती है,” उन्होंने लिखा।

बिग बी ने यह भी बताया कि जो काम पहले बिल्कुल सामान्य हुआ करते थे, अब उन्हें करने से पहले दिमाग को सोचने की जरूरत पड़ती है। यहां तक कि पैंट पहनने जैसे साधारण काम के लिए भी डॉक्टर उन्हें बैठकर करने की सलाह देते हैं, ताकि संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा न रहे।

वर्क फ्रंट पर सक्रिय हैं बिग बी

काम की बात करें तो अमिताभ बच्चन आज भी पूरी तरह एक्टिव हैं। हाल ही में उनका लोकप्रिय टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 17 सफलतापूर्वक खत्म हुआ है, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। इसके अलावा वह आखिरी बार तमिल एक्शन ड्रामा फिल्म ‘वेट्टैयन’ में नजर आए थे। इस फिल्म में उनके साथ रजनीकांत, फहाद फासिल, राणा दग्गुबाती और मंजू वारियर जैसे बड़े सितारे भी शामिल थे।

अपने अनुभव, ईमानदारी और आत्ममंथन के जरिए अमिताभ बच्चन न सिर्फ एक महान अभिनेता, बल्कि आज की पीढ़ी के लिए सीख देने वाले प्रेरणास्रोत के रूप में भी सामने आते हैं। उनकी यह सोच कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, लेकिन बदलते वक्त के साथ खुद को ढालना जरूरी है—आज के दौर में हर किसी के लिए बेहद प्रासंगिक है।

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