बालाघाट, 5 मार्च 2025: बालाघाट जिले के वारासिवनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 20 वर्षीय छात्र ने अपने माता-पिता पर सब्बल से हमला कर दिया। इस हमले में उसकी मां की मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना मंगलवार शाम लगभग 7 बजे की है। इस अपराध के बाद आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है, और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, आरोपी सत्यम कटरे (20), जो NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी कर रहा था, अपनी माता-पिता से मोबाइल देर रात तक देखने के लिए मना करने के बाद गुस्से में था। सत्यम का गुस्सा इतना बढ़ा कि उसने अपनी मां और पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। पहले उसने अपने पिता पर हमला किया, फिर जब मां बीच में आई, तो उसने उन्हें भी मारा। हमले के दौरान सत्यम ने डायल 100 पर फोन कर घटना की सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मृतक और घायल का विवरण
प्रतिभा कटरे (मृतक) और किशोर कटरे (घायल) दोनों सरकारी स्कूल के शिक्षक थे। उनकी बेटी कोटा में NEET की कोचिंग कर रही थी, जबकि उनका बेटा सत्यम, जो पहले से ही पढ़ाई में होशियार था, NEET की तैयारी कर रहा था। घटना के बाद मां प्रतिभा को सिर में गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें अस्पताल में ऑपरेशन की जरूरत पड़ी, जबकि पिता किशोर कटरे को सिर, कान और दिमाग में चोटें आई हैं। उनका इलाज गोंदिया के जानकी मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में चल रहा है, लेकिन वह अभी भी बेहोश हैं।

आखिरकार क्या हुआ?
सोमवार रात, सत्यम ने अपने माता-पिता से मोबाइल देर रात तक देखने के बारे में बहस की। उनके माता-पिता ने सत्यम को समझाया कि वह पढ़ाई में ध्यान लगाए, लेकिन वह मोबाइल पर बहुत समय बिताने का आदी था। इस पर सत्यम ने गुस्से में आकर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने खुद डायल 100 को फोन कर इस वारदात की सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू कर दी।
पड़ोसियों और रिश्तेदारों की प्रतिक्रिया
परिवार के करीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों का कहना है कि सत्यम एक शांत और पढ़ाई में होशियार लड़का था, लेकिन कोटा से वापस आने के बाद वह अलग-थलग और शांत रहने लगा था। रिश्तेदारों के मुताबिक, सत्यम कभी भी घर से बाहर नहीं जाता था और वह केवल अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहता था। मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि परिवार का व्यवहार हमेशा अच्छा था, और वे ज्यादा किसी से बातचीत नहीं करते थे। एक स्थानीय सरपंच कन्हैया खैरवार ने कहा कि परिवार के लोग अच्छे थे और संभवतः बेटे को पढ़ाई के दबाव के कारण मानसिक तनाव हुआ होगा।

पुलिस की कार्रवाई
वारासिवनी एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने इस घटना की पुष्टि की और बताया कि आरोपी बेटे सत्यम को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे, और सत्यम दो दिन से गुमसुम था। वह अब अपने माता-पिता की फोटो देखने की मांग कर रहा है।
मनोवैज्ञानिक पहलू
इस घटना से स्पष्ट होता है कि युवा लड़के को पढ़ाई के दबाव के साथ-साथ मोबाइल की लत ने मानसिक तनाव में डाल दिया था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ा। यह भी संभव है कि परिवार के सदस्य सत्यम को मोबाइल के इस्तेमाल से रोकने की कोशिश कर रहे थे, जो उसके लिए एक बड़ा तनाव का कारण बना। इस प्रकार के मामलों में परिवारों के लिए यह आवश्यक है कि वे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की अधिक देखभाल करें, खासकर जब वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होते हैं।

यह घटना हमारे समाज में बढ़ते मानसिक दबाव और बच्चों पर शिक्षा के बोझ के प्रभाव को उजागर करती है। माता-पिता और शिक्षा प्रणाली को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके। सत्यम के साथ क्या हुआ, यह कई सवाल खड़े करता है, और समाज को यह समझने की आवश्यकता है कि शिक्षा के दबाव के साथ बच्चों का मानसिक संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है।