इंदौर।
बाणगंगा क्षेत्र का गोविंद का खारचा इलाका इन दिनों सन्नाटे में डूबा है। वजह है मोहल्ले की ‘बिट्टी दीदी’— सोनम रघुवंशी, जिस पर अपने ही पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जो सोनम आज देशभर में एक हत्या की आरोपी के रूप में पहचानी जा रही है, वही मोहल्ले के लिए बस ‘बिट्टी दीदी’ थी— धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली, गरबा सिखाने वाली, शांत और सादगी से रहने वाली लड़की।

मोहल्ले में पसरा सन्नाटा, लोग गहरे सदमे में
सोनम की करतूत सामने आने के बाद से मोहल्ले का माहौल एकदम बदल गया है। गली के बच्चे अब भी क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन उनकी गेंद सोनम के घर की ओर न जाए, इसका विशेष ध्यान रखते हैं। मोहल्ले वाले सोनम के नाम पर चुप हो जाते हैं, और कोई पूछे तो बस इशारे से उसका घर बता देते हैं।
“बिट्टी दीदी ऐसा कर सकती है, इस पर अब भी यकीन नहीं हो रहा,” एक पड़ोसी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा। “हमने तो उसे धार्मिक आयोजनों में पांडाल सजाते, कथा में शामिल होते देखा है।”
हत्या की साजिश का खुलासा और मोहल्ले की छवि पर असर
राजा रघुवंशी की शिलॉन्ग में हत्या की खबर जब सामने आई, तो मोहल्ले में जैसे किसी ने गहरी चोट कर दी हो। कई लोगों को इस घटना की जानकारी अखबारों से मिली। जिनके पास सोनम की शादी का निमंत्रण आया था, वे अब राहत महसूस कर रहे हैं कि वे समारोह में शामिल नहीं हो सके।

“अच्छा हुआ हम शादी में नहीं गए, वरना हमें भी पाप लगता,” एक महिला पड़ोसी ने भावुक स्वर में कहा।
घर में सन्नाटा, परिवार खुद में सिमटा
सोनम के घर का दरवाज़ा अब दिनभर बंद रहता है। बाहर कोई आता-जाता नहीं। मां सिर्फ सुबह पूजा के लिए बाहर निकलती हैं और बिना किसी से बातचीत किए लौट जाती हैं। पिता देवी सिंह, जो बेटी की गुमशुदगी के वक्त काफी सक्रिय थे, अब बीमारी के चलते बिस्तर पर हैं। बेटे गोविंद का भी आना-जाना सीमित हो गया है।
बिट्टी की धार्मिक छवि, अब सवालों के घेरे में
सोनम की छवि मोहल्ले में हमेशा एक धार्मिक लड़की की रही। नवदुर्गा उत्सव हो या भागवत कथा, हर आयोजन में वह सबसे आगे रहती थी। मोहल्ले की बच्चियों को गरबा सिखाने की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी। ऐसे में जब यह खुलासा हुआ कि उसने अपने पति की हत्या की साजिश रची, तो मोहल्लेवालों का भरोसा पूरी तरह टूट गया।
“वो बहुत साधारण ज़िंदगी जीती थी, किसी तरह की दिखावेबाज़ी नहीं थी,” एक बुजुर्ग ने कहा। “आज उसने पूरी गली बदनाम कर दी है।”

पढ़ाई और पहचान पर भी उठे सवाल
सोनम की पढ़ाई को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। मोहल्ले की शिवानी नामक युवती ने बताया कि दोनों ने साथ में नवीन एकेडमी स्कूल में पढ़ाई की थी, लेकिन इसके बाद सोनम ने कहां से पढ़ाई की, इसकी जानकारी खुद उसके परिवार के पास नहीं है।
सोनम के भाई गोविंद ने भी बहन की पढ़ाई को “अच्छी” बताया, लेकिन किसी संस्थान का नाम नहीं लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई पहचान, बनी कई फेक आईडी
घटना सामने आने के बाद सोनम की पहचान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर उसके नाम से कई फर्जी आईडी सामने आई हैं। इन पर सोनम की तस्वीरें और मनगढ़ंत पोस्ट डाले गए हैं। साथ ही मीम्स और वीडियो क्लिप्स भी तेजी से शेयर किए जा रहे हैं।

अंततः…
एक लड़की, जिसे मोहल्ले ने ‘बिट्टी दीदी’ मानकर सिर पर बैठाया था, आज पूरे मोहल्ले के लिए शर्म और सदमे की वजह बन गई है। मोहल्ले की गलियों में पसरा सन्नाटा, झुकी निगाहें और बंद दरवाजे इस बात के गवाह हैं कि कभी-कभी इंसान की असली पहचान उसके चेहरे या धार्मिक गतिविधियों से नहीं, उसके कर्मों से ही तय होती है।