सागर। गोपालगंज थाना पुलिस ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) परिसर में तैनात एक सुरक्षा गार्ड पर जानलेवा हमला करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 जनवरी की देर रात की है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड के सामने सुरक्षा गार्ड अमोल यादव (40) पिता रामेश्वर यादव, निवासी ग्राम रुसल्ला, अपनी ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान शराब के नशे में दो युवक वहां पहुंचे और बिना किसी कारण सुरक्षा गार्ड से गाली-गलौज करने लगे। जब सुरक्षा गार्ड ने उन्हें समझाने और ऐसा करने से मना किया, तो दोनों युवक उग्र हो गए और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
चाकू से कई वार कर किया गंभीर घायल
मारपीट के दौरान आरोपी गोलू रैकवार ने अचानक चाकू निकाल लिया और सुरक्षा गार्ड अमोल पर एक के बाद एक कई वार कर दिए। चाकू लगने से अमोल यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल सुरक्षा गार्ड को तत्काल बीएमसी में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
घटना की सूचना मिलते ही गोपालगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बीएमसी परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए, जिसके आधार पर उनकी पहचान गोलू रैकवार और तन्नू रैकवार, दोनों निवासी मनोरमा कॉलोनी, के रूप में की गई।
जंगल में छिपे थे आरोपी, घेराबंदी कर पकड़े

आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी मनोरमा कॉलोनी के सामने यूटीडी के जंगल में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही बुधवार को पुलिस टीम ने जंगल की घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
चाकू जब्त, न्यायालय में पेश
थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि बीएमसी के सुरक्षा गार्ड पर जानलेवा हमला करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके कब्जे से वारदात में उपयोग किया गया चाकू भी जब्त किया गया है। आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।