बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी) में डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में 20 से 22 नवम्बर तक तीन दिवसीय वी.सी.एम.ई. (Vocational Competency Medical Education) कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला की कोऑर्डिनेटर डॉ. पूजा सिंह ने बताया कि मेडिकल शिक्षकों की पदोन्नति के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा यह प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है, जिससे शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कम्पिटेंसी बेस्ड मेडिकल एजुकेशन (CBME-2020) के अनुरूप पढ़ाने की दक्षता विकसित हो सके।

डीन डॉ. ठाकुर ने कहा कि –
“यह प्रशिक्षण मेडिकल स्नातकों को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक अत्यंत आवश्यक और कारगर कदम है। शिक्षकों का कौशल जितना उन्नत होगा, उतना ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होगा।”
तीन दिनों में 30 फैकल्टी का प्रशिक्षण सम्पन्न
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने जानकारी दी कि बीएमसी में अब तक आयोजित तीन वी.सी.एम.ई. प्रशिक्षणों के माध्यम से कुल 90 फैकल्टी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। हाल ही संपन्न कार्यशाला में 30 फैकल्टी सदस्य शामिल हुए।
कार्यक्रम में एनएमसी ऑब्जर्वर के रूप में डॉ. अपूर्व (प्रोफेसर–पीएसएम) उपस्थित रहे।
म्यू इकाई के प्रशिक्षित विशेषज्ञों का सक्रिय योगदान
कार्यशाला में म्यू इकाई के निम्न विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया—
- डॉ. सत्येंद्र उइके
- डॉ. पूजा
- डॉ. तल्हा
- डॉ. राघवेंद्र
- डॉ. रविकांत
- डॉ. मनीष
- डॉ. अमरनाथ
- डॉ. सुमित
- डॉ. इलयास
ये सभी प्रशिक्षक रीजनल सेंटर श्री अरबिंदो से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
बीएमसी में निरंतर उन्नयन का क्रम जारी
उल्लेखनीय है कि बीते तीन वर्षों में बीएमसी में पाँच बड़े शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन कार्यक्रमों ने संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षण पद्धति और मेडिकल शिक्षा की आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यह तीन दिवसीय वी.सी.एम.ई. कार्यशाला मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बीएमसी द्वारा किए जा रहे नवाचारों और गुणवत्ता उन्नयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।