बीना, 22 अप्रैल 2025: सोमवार की रात बीना शहर में एक के बाद एक तीन दर्दनाक घटनाओं ने लोगों को हिलाकर रख दिया। एक युवक ने होटल में फांसी लगाकर जान दे दी, तो दूसरे ने जुए में हार के बाद जहर खा लिया, जबकि तीसरा युवक बाइक हादसे में घायल हो गया। ये सभी घटनाएं अलग-अलग वजहों से हुईं, लेकिन इनका दर्द एक जैसा है – परिवारों के लिए जीवनभर का सदमा।

होटल में फांसी लगाकर युवक ने ली जान
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शशि कैथोरिया के होटल में एक 25 वर्षीय बिहारी युवक ने रात के अंधेरे में खुद को फांसी लगा ली। पुलिस को सूचना मिलने पर देर रात टीम पहुंची और शव को उतारकर मॉर्चुरी में रखवा दिया। युवक की पहचान अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि वह रोजगार की तलाश में बीना आया था। क्या वजह रही कि उसने इतनी कठोर फैसला लिया? क्या नौकरी न मिल पाने की निराशा या कोई और मानसिक तनाव? पुलिस जांच कर रही है, लेकिन इस युवक की मौत ने एक बार फिर समाज के सामने मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं पर बढ़ते दबाव का सवाल खड़ा कर दिया है।
जुए में हारने के बाद 18 साल के युवक ने खा ली जहर की गोली
इसी रात चंद्रशेखर वार्ड के 18 वर्षीय सुनील अहिरवार ने जुए में हार के बाद निराश होकर चूहा मार दवा (जहर) खा ली। खुरई रोड ओवर ब्रिज के नीचे मिलने पर लोगों ने उसे रात 11 बजे अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर संजीव अग्रवाल ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे सागर रेफर कर दिया। सुनील की हालत गंभीर बनी हुई है। परिवार वाले सदमे में हैं कि इतनी छोटी उम्र में जुए की लत ने उनके बेटे को मौत के मुंह तक पहुंचा दिया। यह घटना समाज में फैली जुआ और सट्टेबाजी की बुराई को एक बार फिर उजागर करती है।

बाइक हादसे में घायल हुआ एक और युवा
तीसरी घटना भगत सिंह वार्ड के 18 वर्षीय राहुल फूल सिंह की है, जो बाइक से खाना लेने जा रहा था। पश्चिमी रेलवे कॉलोनी में पुरानी स्लीपर से बनी खराब सड़क पर उसकी बाइक फिसल गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। राहुल के परिवार वालों का कहना है कि अगर सड़क की हालत ठीक होती, तो शायद यह हादसा न होता।

समाज के लिए चेतावनी
इन तीनों घटनाओं ने बीना को झकझोर दिया है। एक तरफ जहां युवाओं में बढ़ती निराशा और मानसिक तनाव चिंता का विषय है, वहीं दूसरी ओर जुआ जैसी सामाजिक बुराइयां भी युवाओं को गर्त में धकेल रही हैं। सड़कों की खराब हालत भी दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही है। क्या समाज और प्रशासन इन मुद्दों पर गंभीरता से सोचेगा?
ब्यूरो रिपोर्ट, रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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