बीना, 25 अप्रैल 2025
बीना तहसील के नौगांव में नाबालिग भाई-बहन के साथ मारपीट की घटना को लेकर क्षत्रिय समाज ने शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। समाज के सैकड़ों सदस्यों ने एसडीओपी नितेश पटेल और एसडीएम विजय डेहरिया को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष पुनर्जांच की मांग की। समाज का आरोप है कि इस मामले में संतोष ठाकुर को साजिशन फंसाया गया है और उनके खिलाफ राजनीतिक एवं सामाजिक दुर्भावना से कार्रवाई की जा रही है।

“बच्चों का विवाद बना दिया गया सामाजिक मुद्दा”
दोपहर 1 बजे क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधि कुंवर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक जत्था एसडीओपी कार्यालय पहुंचा। कुंवर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह मामला मूल रूप से दो बच्चों के बीच की झड़प का था, लेकिन इसे जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। संतोष ठाकुर को बिना किसी ठोस सबूत के फंसाया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि “कुछ लोगों ने इस मामले में एक राजनीतिक और सामाजिक व्यक्ति का नाम जबरन जोड़कर स्थिति को और अधिक विवादास्पद बना दिया है। यह पूरा प्रकरण समाज को बांटने की सोची-समझी साजिश है।”
“संतोष ठाकुर को बदनाम करने का षड्यंत्र”
क्षत्रिय समाज ने स्पष्ट आरोप लगाया कि संतोष ठाकुर को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। कुंवर सिंह ठाकुर ने कहा, “हमारे समाज के व्यक्ति को निराधार आरोपों में फंसाकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। हम न्याय की मांग करते हैं और चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष तरीके से पुनः जांच हो।”

एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च, ज्ञापन सौंपा
एसडीओपी कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद क्षत्रिय समाज के सदस्यों ने पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय का रुख किया। वहां उन्होंने एसडीएम विजय डेहरिया को ज्ञापन सौंपकर मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की। इस दौरान समाज के सैकड़ों लोगों ने काले झंडे और पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रशासन से मांगें:
- मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।
- संतोष ठाकुर के खिलाफ गलत तरीके से दर्ज एफआईआर पर पुनर्विचार किया जाए।
- राजनीतिक हस्तक्षेप को रोका जाए और केवल तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो।
- समाज के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि किसी प्रकार का भेदभाव न हो।

न्याय की गुहार, शांतिपूर्ण विरोध
समाज के लोगों ने जोर देकर कहा कि वे कानून और व्यवस्था का पालन करते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि “बिना किसी दबाव के सच सामने लाया जाए और निर्दोषों को बचाया जाए।”
इस पूरे प्रकरण में प्रशासन ने समाज की बात सुनी और जांच के आदेश देने का आश्वासन दिया। हालांकि, क्षत्रिय समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
समाज की एकजुटता का संदेश
इस विरोध प्रदर्शन में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो समाज की एकजुटता को दर्शाता है। समाज के नेताओं ने कहा कि “हम किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय के पक्ष में खड़े हैं। हम चाहते हैं कि सच सामने आए और भविष्य में किसी भी निर्दोष को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।”
अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे इस विवाद का तार्किक समाधान निकल सके।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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