बीना (सागर जिला)। बीना क्षेत्र के बसाहरी गांव में आवारा कुत्तों के हमले से एक मोर गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उपचार के लिए बीना स्थित वन विभाग डिपो में पहुंचाया।
🐕 कुत्तों के हमले में घायल हुआ राष्ट्रीय पक्षी
घटना बसाहरी गांव में उस समय हुई जब कुछ आवारा कुत्तों ने खेत किनारे विचरण कर रहे मोर पर हमला कर दिया। कुत्तों के झुंड ने मोर को घेर लिया, जिससे वह उड़ नहीं सका और घायल हो गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाकर कुत्तों को भगाया और मोर को बचाया, लेकिन तब तक उसके पैर में चोट लग चुकी थी।
📞 ग्रामीणों ने दी तत्काल सूचना
गांव के उपसरपंच सुनील तिवारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग को सूचित किया गया। बसाहरी गांव और आसपास के इलाकों में राष्ट्रीय पक्षी मोर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। वे अक्सर घरों की छतों और खेतों में स्वतंत्र रूप से विचरण करते देखे जाते हैं, जिससे ग्रामीणों का उनसे आत्मीय संबंध भी है।

🚑 टोकरी और बोरी की मदद से किया गया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायल मोर को पकड़ना आसान नहीं था, क्योंकि वह दर्द के कारण फड़फड़ा रहा था। टीम ने सावधानीपूर्वक एक बड़ी टोकरी और बोरी की सहायता से उसे काबू किया, ताकि उसे और चोट न पहुंचे। इसके बाद उसे सुरक्षित वाहन से बीना स्थित वन विभाग डिपो ले जाया गया।
🩺 पशु चिकित्सक ने किया उपचार, हालत स्थिर
डिपो में पशु चिकित्सक द्वारा मोर का प्राथमिक उपचार किया गया। जांच में उसके पैर में चोट पाई गई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे निगरानी में रखा गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मोर के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
🌿 वन्यजीव संरक्षण की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं की तुरंत सूचना दें और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन से समन्वय बनाए रखें।