सागर जिले के बीना स्थित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया पर गंभीर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगे हैं। इस संबंध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने उच्च शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन भोपाल को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन सागर कलेक्टर के माध्यम से भेजा गया।

ABVP ने ज्ञापन में बताया कि 3 दिसंबर को प्राप्त शिकायतों और संकलित साक्ष्यों के आधार पर प्राचार्य के कार्यकाल में महाविद्यालय में कई नियमों के उल्लंघन की घटनाएँ सामने आई हैं। आरोपों में अवैध नियुक्तियाँ, पक्षपातपूर्ण भर्ती और डिग्री की प्रामाणिकता पर संदेह के प्रमाण शामिल हैं। विशेषकर जया पंथी और वीरेंद्र पंथी को अतिथि शिक्षक के रूप में नियमों की अनदेखी करते हुए नियुक्त करने का आरोप लगाया गया है।

वित्तीय अनियमितताओं के भी गंभीर आरोप हैं। ज्ञापन के अनुसार, वर्ष 2022 में जनभागीदारी मद में उपलब्ध लगभग 2.5 करोड़ रुपये की राशि घटकर केवल 40 लाख रह गई। ABVP का आरोप है कि इस राशि का उपयोग बिना समिति की बैठक और बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के किया गया। फर्जी कोटेशन और धन के दुरुपयोग के भी प्रमाण मिले हैं।
साथ ही, कर्मचारियों पर मानसिक प्रताड़ना, धमकाना, अभद्र भाषा का प्रयोग, निजी काम करवाने तथा हॉस्टल, फर्नीचर, महाविद्यालय सामग्री और पेड़ों की चोरी के आरोप भी लगाए गए हैं। इस दौरान छात्र और कर्मचारी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है।
ABVP ने मांग की है कि सभी आरोपों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। जांच अवधि के दौरान प्राचार्य को पद से हटाया जाए ताकि साक्ष्य प्रभावित न हों। दोष सिद्ध होने पर कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाए। परिषद ने प्राचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर तत्काल निलंबन की भी मांग की है।