पार्षद रजक ने बताया कि समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए बोतल बंद पानी की व्यवस्था की गई थी। वहीं, छात्रों के लिए एक पानी का टैंकर, स्टील के गिलास और जग रखे गए थे। उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो पानी के टैंकर में जंग लगी हुई थी और स्टील के गिलास व जग भी साफ नहीं थे, उनमें गंदगी लगी हुई थी। टैंकर से आ रहा पानी भी स्वच्छ नहीं था।

रजक के अनुसार, जब उन्होंने सीएमओ को यही पानी पीने के लिए कहा तो उन्होंने भी इसे नहीं पिया। उन्होंने यह भी देखा कि कुछ विद्यार्थी जब पानी पीने के लिए स्टॉल पर आ रहे थे, तो उन्हें मना किया जा रहा था। पार्षद ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन इससे सबक नहीं ले रहा है।
इस संबंध में बीना के एसडीएम विजय डेहरिया ने बताया कि मुख्य समारोह में विद्यार्थियों के लिए पानी के पाउच की व्यवस्था की गई थी। उनके अनुसार, पानी का टैंकर अतिरिक्त व्यवस्था के लिए बुलाया गया था।

रजक के अनुसार, जब उन्होंने सीएमओ को यही पानी पीने के लिए कहा तो उन्होंने भी इसे नहीं पिया। उन्होंने यह भी देखा कि कुछ विद्यार्थी जब पानी पीने के लिए स्टॉल पर आ रहे थे, तो उन्हें मना किया जा रहा था। पार्षद ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन इससे सबक नहीं ले रहा है।
इस संबंध में बीना के एसडीएम विजय डेहरिया ने बताया कि मुख्य समारोह में विद्यार्थियों के लिए पानी के पाउच की व्यवस्था की गई थी। उनके अनुसार, पानी का टैंकर अतिरिक्त व्यवस्था के लिए बुलाया गया था।
भास्कर की पड़ताल नहीं मिला एक भी पाउच
जब शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक एक में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह समाप्त हुआ तो भास्कर की टीम ने पड़ताल की तो परिसर में उपयोग करने के बाद खाली एक भी पाउच नहीं मिला। साथ ही वहां रखे सभी डस्टबिनों में भी कोई खाली पाउच नहीं मिला। जबकि परिसर में विद्यार्थियों द्वारा उपयोग किए गए चिप्स आदि के खाली पाउच पड़े हुए मिले। फिर पानी के पाउच कहां चले गए।