बीना के नाभिनंदन दिगंबर जैन स्कूल (हिंदी मीडियम) से जुड़ी एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मनोरमा वार्ड निवासी 16 वर्षीय किशोरी ने स्कूल में एडमिशन नहीं मिलने से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में परिजनों ने उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत स्थिर बताई गई है।

किशोरी के पिता इंदौर में कारपेंटर का काम करते थे। तबीयत बिगड़ने पर अप्रैल 2025 में वे परिवार समेत बीना लौट आए। बेटी ने इंदौर से 8वीं तक की पढ़ाई की थी। बीना आकर पिता ने उसका 9वीं में दाखिला करवाने का प्रयास किया, लेकिन ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) न होने से दाखिला नहीं हो पाया। परिजनों का आरोप है कि इससे किशोरी मानसिक रूप से परेशान हो गई।
हालांकि स्कूल प्राचार्य अनिल जैन ने दावा किया कि उनके पास ऐसा कोई अभिभावक नहीं आया, और TC न होने पर भी अस्थायी प्रवेश दिया जाता है। थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि पिछले 6 महीनों में यह तीसरी आत्महत्या से जुड़ी घटना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं।