सागर | बीना रिफाइनरी के आसपास घोषित ‘नो डेवलपमेंट जोन’ में सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने इस गंभीर उल्लंघन पर एक भाजपा नेता सहित 13 कंपनियों और अन्य व्यक्तियों को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, पटवारियों की हड़ताल के चलते नोटिसों की तामील और आगे की कार्रवाई में देरी हो रही है, जिससे प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठने लगे हैं।

तहसीलदार डॉ. अंबर पंथी ने बताया कि वर्ष 2009 में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा जारी आदेश अब भी प्रभावशील है। इस आदेश के तहत रिफाइनरी के आसपास निर्धारित सुरक्षा घेरे यानी ‘नो डेवलपमेंट जोन’ में किसी भी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधि या निर्माण कार्य पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन कर निर्माण और अस्थायी कैंप बनाए गए हैं।

क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति ने खारिज किए आवेदन
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति ने बेस कैंप बनाने के लिए आए सभी आवेदनों को खारिज कर दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से रिफाइनरी के नजदीक किसी भी तरह की अनुमति नहीं दी जा सकती।

नोटिस पाने वालों में भाजपा नेता और बड़ी कंपनियां शामिल
नोटिस जारी किए गए लोगों में भाजपा नेता मुकेश जैन के अलावा वीआरसी, आरएसबी और जतन कंस्ट्रक्शन जैसी कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये कंपनियां रिफाइनरी विस्तार परियोजना से जुड़ी हैं और इन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए रिफाइनरी की बाउंड्री के पास ही अपने अस्थायी कैंप स्थापित कर लिए हैं।
पहले भी हुई कार्रवाई, पर नहीं रुका निर्माण
यह पहला मौका नहीं है जब इन कंपनियों पर कार्रवाई की गई हो। इससे पहले अक्टूबर माह में भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य नहीं रुका। अब तहसीलदार डॉ. अंबर पंथी ने कहा है कि सोमवार से नोटिस तामील कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और संबंधित पक्षों को 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है।
रिफाइनरी जैसे संवेदनशील और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान के इतने करीब निर्माण कार्य को बड़ा खतरा माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।